संत परमहंस दयाल की स्मृति में छपरा में निकली पदयात्रा

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संत परमहंस दयाल की स्मृति में छपरा में निकली पदयात्रा


संत परमहंस दयाल की स्मृति में छपरा में निकली पदयात्रा


संत परमहंस दयाल की स्मृति में छपरा में निकली पदयात्रा


संत परमहंस दयाल की स्मृति में छपरा में निकली पदयात्रा


सारण, 09 जुलाई (हि.स.)। छपरा में प्रेमाद्वैत पंथ के प्रवर्तक और संत परमहंस दयाल अद्वैतानंद महाराज की स्मृति में परमहंस दयाल समाधि स्मृति समारोह एवं पदयात्रा 2026 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा सारण क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

बक्सर के राजपुर आश्रम से आए पंचम पादशाही स्वामी सत्यानंद महाराज के नेतृत्व में यह पदयात्रा सुबह 5:30 बजे मांझी प्रखंड के नंदपुर स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम से शुरू हुई। यह पदयात्रा कोपा, देवरिया, टेकनिवास, ब्रह्मपुल और दहियावां होते हुए परमहंस दयाल जन्मभूमि मंदिर पहुंचा, जहां भक्तों ने शीश नवाया। इसके बाद पदयात्रा राजेंद्र स्टेडियम, थाना चौक, कटहरी बाग, गांधी चौक और भिखारी चौक से होते हुए रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम में जाकर संपन्न हुई।

यात्रा के दौरान महात्मा व्यासानंद ने संत परमहंस दयाल ने बताया कि जिन जिन जगहों पर महाराज जी का बचपन में समय व्यतीत हुआ है उन सभी जगह को जोड़कर एक यात्रा मार्ग बनाया गया है उन्होंने बताया कि महाराज जी का जन्म, पालन-पोषण, गुरु-मिलन और आत्मज्ञान की प्राप्ति इसी छपरा की पावन धरती पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने वर्तमान पाकिस्तान के टेरी खैबर पखतून से अपने विचारों को विश्वव्यापी पहचान दी। छपरा वासियों को उनके कल्याणकारी प्रेमाद्वैत दर्शन से परिचित कराने के उद्देश्य से ही हर साल इस समारोह का आयोजन किया जाता है।

इस आयोजन की शुरुआत में बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय सिंह टाइगर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल शामिल हुए जबकि पदयात्रा में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह, राणा यशवंत प्रताप सिंह सहित देश-विदेश से आए श्रद्धालु महिला व पुरुष अनुयायी शामिल हुए। यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था किए गए थे।

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

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