एनएच-327ई पर ओवरलोड ट्रकों का ‘सेफ जोन’ बना गंभीर गढ़, राजस्व को लाखों का नुकसान
किशनगंज, 23 अप्रैल (हि.स.)। जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत एनएच-327ई (ठाकुरगंज-बहादुरगंज मार्ग) इन दिनों सुरक्षित आवागमन के बजाय ओवरलोड ट्रकों के ‘सेफ कॉरिडोर’ के रूप में चर्चित हो गया है।
विशेषकर सुखानी थाना क्षेत्र के गंभीर गढ़ चौक के आसपास ईंट लदे ओवरलोड ट्रकों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस अवैध परिचालन के पीछे एक संगठित ‘एंट्री माफिया’ सिंडिकेट सक्रिय है, जो सुनियोजित तरीके से ट्रकों के संचालन को नियंत्रित करता है। बताया जाता है कि दोपहर के समय बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रक गंभीर गढ़ के आसपास हाईवे किनारे खड़े रहते हैं। इसके बाद करीब 3 बजे ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलते ही एक साथ दर्जनों ट्रक सड़क पर उतर जाते हैं और ठाकुरगंज होते हुए पश्चिम बंगाल की सीमा की ओर बढ़ जाते हैं।
इस अवैध गतिविधि से बिहार सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। नियमानुसार ओवरलोडिंग पर लगने वाला जुर्माना वसूला नहीं जा रहा, जिससे प्रतिदिन लाखों रुपये की राजस्व हानि की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि यदि नियमित जांच हो, तो बड़ी राशि सरकारी खजाने में जमा हो सकती है। वहीं, ओवरलोड वाहनों के परिचालन से एनएच-327ई की सड़क और पुल-पुलियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
क्षमता से अधिक भार ढोने के कारण सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर गढ़ क्षेत्र में खुलेआम ट्रकों का जमावड़ा इस बात का संकेत है कि संचालकों को कानून का कोई भय नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस पूरे मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

