टीएमबीयू में वेतन कटौती के खिलाफ फूटा आक्रोश, अनिश्चितकालीन हड़ताल से प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप

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टीएमबीयू में वेतन कटौती के खिलाफ फूटा आक्रोश, अनिश्चितकालीन हड़ताल से प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप


भागलपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिए गए वेतन कटौती के फैसले के विरोध में कर्मचारी संघ ने बुधवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। इस हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय की सभी प्रमुख शाखाओं का प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह चरमरा गया है और विवि परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

आज सुबह जैसे ही विश्वविद्यालय खुला, दर्जनों की संख्या में गैर-शिक्षण कर्मचारी प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और उसे पूरी तरह बंद कर धरने पर बैठ गए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में कर्मचारियों के वेतन में कटौती करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। संघ का स्पष्ट कहना है कि जब तक वेतन कटौती का यह विवादास्पद फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक एक भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेगा।

इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा, कर्मचारियों का हड़ताल पर जाना जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। वेतन विसंगतियों को दूर करने और वेतन पुनरीक्षण के तहत यह कटौती उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन के दिशा-निर्देशों के आलोक में नियमानुसार की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन तालाबंदी कर कामकाज प्रभावित करना और छात्रों को परेशान करना अनुचित है।

प्रदर्शनकारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की गई है। वहीं विश्वविद्यालय में कामकाज ठप होने से बांका, मुंगेर और भागलपुर के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों छात्र दिनभर परेशान रहे और डिग्री-सर्टिफिकेट लिए बिना बैरंग लौट गए। इस स्थिति पर छात्र संगठनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। छात्र राजद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें अपनी जगह जायज हो सकती हैं, लेकिन परीक्षा और नामांकन के समय विवि को पूरी तरह ठप करना कतई स्वीकार्य नहीं है। इससे सुदूर क्षेत्रों से आने वाले गरीब छात्रों का आर्थिक नुकसान और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।

प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर गतिरोध दूर करना चाहिए। एबीवीपी के जिला संयोजक ने सीधे तौर पर विवि प्रशासन और कर्मचारी संघ दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले से ही सत्र देरी से चल रहे हैं और अब इस हड़ताल से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अगर 24 घंटे के भीतर कामकाज शुरू नहीं कराया गया, तो विद्यार्थी परिषद छात्रों के हक के लिए उग्र आंदोलन करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Livevns.news Desk
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