ऑपरेशन मुस्कान से 53 लोगों के चेहरे पर लौटी खुशी, 14 लाख के मोबाइल बरामद

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ऑपरेशन मुस्कान से 53 लोगों के चेहरे पर लौटी खुशी, 14 लाख के मोबाइल बरामद


किशनगंज, 05 नवंबर (हि.स.)। जिले में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश में जुटी किशनगंज पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से 53 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय में वास्तविक धारकों को उनके मोबाइल सौंपे। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि जिले में खोए, गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सभी थानों के अपर थानाध्यक्षों और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई है। टीम ने CEIR पोर्टल, आधुनिक तकनीक और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की है।

बरामद 53 मोबाइल जिले के 15 थाना क्षेत्रों से मिले हैं। इनमें किशनगंज थाना से 16, कोचाधामन से आठ, कुर्लीकोट से सात, ठाकुरगंज से चार, साइबर और दिघलबैंक थाना से तीन-तीन, गलगलिया, बहादुरगंज और अर्राबाड़ी से दो-दो तथा कोढ़ोबारी, फतेहपुर, पहाड़कट्टा, सुखानी, पौआखाली और पाठामारी थाना क्षेत्र से एक-एक मोबाइल बरामद किया गया है। इनमें वीवो, पोको, रेडमी, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, ओप्पो, सैमसंग, आईक्यूओओ, मोटोरोला, नथिंग और इनफिनिक्स समेत कई कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।

इस अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2026 से अब तक किशनगंज पुलिस कुल 159 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस कर चुकी है। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 41 लाख 20 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल बरामदगी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिला आसूचना इकाई के कर्मियों और संबंधित थानों के अपर थानाध्यक्षों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।

एसपी ने कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मोबाइल खोने, गुम होने या चोरी होने पर तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी माध्यम से मोबाइल को ट्रैक कर बरामद किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Livevns.news Desk
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