बिहार में ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित कर विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करायी जाए : मुख्यमंत्री

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बिहार में ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित कर विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करायी जाए : मुख्यमंत्री


पटना, 26 मई (हि.स.)।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में संचालित ओपेन यूनिवर्सिटी का अध्ययन करें ताकि बिहार में और अधिक ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित कर विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करायी जा सके। इससे

विश्वविद्यालयों पर बोझ भी घटेगा।

उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखण्डों में डिग्री की पढ़ाई शुरू करायें। 211 डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में नए महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, उनमें बहाली हेतु कमिटी का शीघ्र गठन कर वैकेंसी को एक साथ अटैच करें। वित्तरहित महाविद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर, भवन, अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या और दी जाने वाली अनुदान राशि का आंकलन करें। डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि दान देने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर उस महाविद्यालय का नामकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालय में भवन निर्माण/आंशिक रूप से सहयोग करने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर भी महाविद्यालय परिसर के किसी हिस्से का नामकरण कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्थापित महाविद्यालयों को संबद्ध करने हेतु हिंदुस्तान के टॉप 10 विश्वविद्यालयों से एमओयू साइन करें ताकि बाहर से भी बिहार आकर बच्चे शिक्षा हासिल कर सकें। सभी डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में स्थापित होने वाले महाविद्यालय ऐसी जगह पर हो जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा सुगमतापूर्वक आवागमन हो सके। विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने हेतु भारत सरकार को शीघ्र जमीन हैंडओवर किया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजकर संसूचित करें। एएन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान एक पुरानी संस्था है इसे पुनर्व्यवस्थित करें ताकि इसका अधिक से अधिक सदुपयोग हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विश्वविद्यालय के साथ जितने भी रिसर्च सेंटर है उन्हें पुनर्व्यवस्थित कर सिस्टमैटिक बनायें और स्पेशलाइज्ड करें। शोध संस्थान सिस्टमैटिक होगा तो नियमित रूप से रिसर्च चलता रहेगा और सरकार जो भी पॉलिसी या प्लान बनाती है उसको एग्जामिन कराया जा सकेगा।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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