बिहार की बेटियों के अपमान पर मौन क्यों हैं नीतीश: राजेश राम
पटना, 05 जनवरी (हि.स.)। बिहार की बहन बेटियों के अपमान पर देश के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौन क्यों हैं? बिहार की बच्चियों की कीमत लगाने वाले उत्तराखंड भाजपा सरकार के मंत्री के पति और भाजपा नेता गिरधारी लाल साहू पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने तल्ख टिप्पणी की है और उन्हें लफंगा बताया।
बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि यह भाजपा की संस्कृति है कि जो जितना भड़काऊ और महिलाओं को अपमानित करेगा उसे उतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है। हम उनके बयान की खिलाफत करते हैं और आने वाले समय में सड़क से सदन तक इस बात का विरोध करेंगे कि आखिर भाजपा नेताओं को हमारी बिहार की बहन बेटियों के अपमान का लाइसेंस किसने दे दिया है। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने मांग की है कि यदि वास्तव में प्रधानमंत्री बहन बेटियों के अस्मिता के रक्षा के लिए जिम्मेदार हैं तो अविलंब मंत्री की मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी और उनके पति की भाजपा से निष्कासन करना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए बृज भूषण शरण सिंह, कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य भाजपा नेताओं के महिलाओं के प्रति किए गए कुकृत्य के बावजूद भाजपा द्वारा उन्हें दंडित किए जाने के बजाय अपने दल में बनाए रखने को भाजपा का असली चेहरा और चरित्र बताया। उन्होंने कहा कि जब बिहार की बेटियां मीडिया, राजनीतिक क्षेत्र, प्रशासनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं तो इससे भयभीत लोग बिहार की छवि खराब कर रहे हैं। भाजपा ने शुरू से बिहार की महिलाओं का अपमान किया है और पहले भी कई उनके नेताओं ने ऐसा किया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड भाजपा के नेता गिरधारी लाल साहू ने भी अपने पूर्ववर्ती नेताओं का अनुसरण किया है।
राजेश राम ने कहा कि आज पूरे देश में एक ही नारा गूंज रहा है ‘भाजपा नेताओं से बेटी बचाओ’ संस्कार और संस्कृति की दुहाई देने वाली भाजपा और उसके नेताओं का असली चेहरा बेनकाब हो चुका है। विशेषकर हमारी बहन-बेटियों को लेकर उनकी घृणित मानसिकता और निर्लज्ज व्यवहार सामने आ चुका है। सत्ता के नशे में चूर भाजपाई नेता और कार्यकर्ता जिस गिद्ध नज़र से हमारी बच्चियों को देख रहे हैं, उनकी बोली लगा रहे हैं—वह किसी भी दुष्कर्मी की मानसिकता से कम नहीं है।
पिछले दिनों उत्तराखंड की भाजपा सरकार में महिला सशक्तिकरण विभाग संभालने वाली मंत्री के पति ने जिस प्रकार से बिहार की बेटियों की बोली लगाई, जिस प्रकार से करोड़ों बहनों को अपमानित किया, वह अत्यंत शर्मनाक है। लेकिन उससे भी अधिक शर्मनाक है इस मामले में माननीय प्रधानमंत्री, केंद्र एवं राज्य सरकार की चुप्पी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से लेकर राज्य नेतृत्व तक सब मुंह में दही जमाए क्यों बैठे हैं ?
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

