तेजस्वी यादव में नेतृत्व क्षमता का सर्वथा अभाव: नीरज कुमार

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पटना, 19 मार्च (हि.स.)। बिहार की जनता ने एक बार फिर साफ संदेश दिया है। राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की शर्मनाक और करारी हार तेजस्वी यादव के कथित नेतृत्व की पोल खोलकर रख दी है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जो नेता अपने ही बागी विधायकों पर कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पाता, वह बिहार जैसे बड़े राज्य का नेता प्रतिपक्ष बनने का दावा कैसे कर सकता है?

तथ्य एकदम स्पष्ट हैं। राजद के विधायक फैसल रहमान वोट डालने नहीं पहुंचे, कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी गायब रहकर धोखा दिया। तेजस्वी यादव खुलेआम कह रहे हैं कि कुछ लोगों ने धोखा किया, लेकिन कार्रवाई? चुप्पी! कारण साफ है अगर उन्होंने एक भी बागी विधायक को पार्टी से निकाला तो उनकी नेता प्रतिपक्ष वाली कुर्सी तुरंत लुढ़क जाएगी। यानी कुर्सी बचाने के चक्कर में वे अपनी पार्टी को बर्बाद होने दे रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं, यह तो सियासी कायरता है।

नीरज कुमार ने कहा कि लालू परिवार का यह वारिस बिहार को बदलने का दावा करता है, लेकिन अपने घर को संभालने में पूरी तरह नाकाम है। बागी खुले घूम रहे हैं, तेजस्वी चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विधानसभा चुनाव के बाद भी तेजस्वी बिहार से बाहर विदेश चले गए थे और अब राज्यसभा चुनाव की करारी हार के तुरंत बाद फिर बिहार छोड़कर बाहर चले गए हैं। उनको बिहार में मन ही नहीं लगता। बिहार की जनता के दुख-दर्द से उनका कोई लगाव नहीं है।

आरजेडी अब राष्ट्रीय जनता दल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जेल-दल बन चुका है, जहां नेता खुद अपनी कमजोरी की जेल में कैद है। एक तरफ बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार विकास की बयार चला रही है सड़कें, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। वहीं तेजस्वी की नेतागिरी सिर्फ बयानबाजी, बहाने और बागियों के आगे घुटने टेकने तक सीमित रह गई है।

जनता अब समझ चुकी है कि कमजोर, डरपोक और असमर्थ नेता कभी सरकार नहीं बना सकता, सिर्फ विपक्ष में बैठकर रोना-धोना और आरोप लगाना जानता है। नीरज कुमार ने स्पष्ट कहा कि बिहार की जनता ने 2025 के विधानसभा चुनाव में भी इसी कमजोरी को नकार दिया था। राज्यसभा हार उसका स्वाभाविक परिणाम है।

भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट रूप से कहती है तेजस्वी यादव को अब इस्तीफा दे देना चाहिए नेता प्रतिपक्ष पद से। बिहार को ऐसे कमजोर और बागी-परस्त नेता की जरूरत नहीं है। विकास की राह पर चल रही NDA सरकार पूरे जोर-शोर से आगे बढ़ रही है और जनता के आशीर्वाद से बिहार को विकसित राज्य बनाने का संकल्प पूरा करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

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