नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर, 106 शिक्षकों का हुआ सम्मान

WhatsApp Channel Join Now
नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर, 106 शिक्षकों का हुआ सम्मान


नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर, 106 शिक्षकों का हुआ सम्मान


नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर, 106 शिक्षकों का हुआ सम्मान


सुपौल, 24 मई (हि.स.)। शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक और प्रेरणादायी कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान में रविवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बसहा का परिसर उत्साह, सम्मान और गौरव के माहौल से सराबोर दिखा। द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के तत्वावधान में आयोजित समारोह में जिले के 106 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान देकर उनकी उपलब्धियों को नमन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, डायट प्राचार्य अखलाक खां, व्याख्याता डॉ सुमित कुमार, निरंजन कुमार, सुषमा श्रेष्ठा, आफताब आलम, मदन कुमार तथा डॉ रणधीर कुमार राणा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपों की रोशनी के साथ ही शिक्षा में नवाचार और उत्कृष्टता के नए संकल्प की शुरुआत हुई।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि समाज को नई दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार आधारित शिक्षा आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे शिक्षक, जो अपने प्रयासों से विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, वे वास्तव में समाज के प्रेरणास्रोत हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और रचनात्मकता के साथ कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के नवाचार से बच्चों में सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और विद्यालय के प्रति लगाव बढ़ रहा है।

डायट प्राचार्य अखलाक खां ने कहा कि शिक्षा में बदलाव की असली ताकत शिक्षक ही होते हैं। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक नई सोच और नई तकनीकों को अपनाते हैं, तब शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगता है। उन्होंने सभी शिक्षकों से निरंतर नवाचार करते रहने का आह्वान् किया।

कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन और उद्घोषणा ने भी समारोह को जीवंत बनाए रखा। प्रमंडल अध्यक्ष रामकृष्ण एवं सुपौल जिला अध्यक्ष नरेश कुमार निराला ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।

सम्मानित होने वाले शिक्षकों में रिंकी कुमारी, सरगम कुमारी, अर्चना कुमारी, गणेश कुमार, ममता कुमारी, मनोहर दास, अवधेश कुमार, डॉ सुषमा दयाल, रीता कुमारी, किरण मेहता, किरण राउत, मनु रमण, कुमारी आनंद भारती, श्याम सुंदर कुमार, संगीता कुमारी, अलख अकेला, राजीव झा, बब्बू कुमार मंडल, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, रूबी यादव तथा सूर्यनारायण यादव सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

समारोह के अंत में व्याख्याता डॉ सुमित कुमार ने कहा कि सभी शिक्षकों को पूरे मनोयोग से अपना अपना गतिविधि आधारित शिक्षण कार्य करना चाहिए। यह टीबीटी मंच रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। कविता, भाषण, नाटक, गीत, शिक्षण प्रस्तुति आदि के माध्यम से विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाएं सामने आती है। एक अच्छे शिक्षक और सफल व्यक्ति बनने के लिए संवाद कौशल, नेतृत्त्व क्षमता और आत्मविश्वास भी आवश्यक है, और ये सभी गुण टीबीटी मंच के माध्यम से विकसित होते हैं। सभागार में तालियों की गूंज के बीच शिक्षकों के योगदान को सराहा गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा में नवाचार ही भविष्य की मजबूत नींव है और शिक्षक ही उस परिवर्तन के वास्तविक शिल्पकार हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

Share this story