प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: डीएओ
कटिहार, 24 अगस्त (हि.स.)। संयुक्त कृषि भवन में जिला स्तरीय किसान सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिले के किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण, रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में अपनाने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से आए किसान सलाहकार समिति के अध्यक्षों ने भाग लिया।
डीएओ राजीव कुमार ने सभी प्रखंड अध्यक्षों से 'बिहार कृषि ऐप' पर किसानों का अधिक से अधिक निबंधन कराने तथा एग्री स्टैक व फार्मर आईडी निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को गति देना अनिवार्य है। साथ ही जिले में दलहन-तिलहन मिशन और जलवायु अनुकूल कृषि को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
कृषि पदाधिकारी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाकर प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान एफपीओ और किसान समूहों के माध्यम से गोबर व गोमूत्र आधारित जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत तथा हरी खाद का उत्पादन और प्रयोग बढ़ाएं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे और खेती की लागत घटे।
जिले में जूट आधारित फसल विविधीकरण पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जूट की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में अलसी (फ्लैक्स) की खेती की असीम संभावनाएं हैं। अलसी के पौधे से उच्च गुणवत्ता वाला रेशा प्राप्त होता है, जिससे बहुमूल्य 'लिनेन' वस्त्र बनते हैं। इसके अलावा, नदियों की तराई और परती भूमि में 'खस घास' की खेती को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल सके।
बैठक में उप परियोजना निदेशक (आत्मा) शशिकांत झा ने किसान हित समूह एवं किसान सहायता समूह के गठन की प्रक्रिया समझाई और किसानों को संगठित होकर तकनीकी प्रशिक्षण लेने पर बल दिया। वहीं परियोजना निदेशक (आत्मा) सुश्री दीक्षा कुमारी ने प्रगतिशील किसानों को चिह्नित कर जिले, राज्य एवं राज्य के बाहर प्रशिक्षण व शैक्षणिक परिभ्रमण पर भेजने की जानकारी दी, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों को अंतिम किसान तक पहुंचाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

