ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ दवा व्यवसायियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल
किशनगंज, 19 मई (हि.स.)। ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बिहार सहित पूरे देश में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। यह राष्ट्रव्यापी बंद 19 मई की मध्य रात्रि से 20 मई की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) तथा बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया है। बंद में थोक और खुदरा दवा विक्रेता शामिल रहेंगे।
किशनगंज जिले के दवा व्यवसायियों ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है।
जिले के कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि एक दिन के लिए अधिकांश दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को लेकर कुछ विशेष व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
दवा व्यवसायियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी की जा रही है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उनका आरोप है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
व्यवसायियों ने यह भी कहा कि ऑनलाइन कंपनियों द्वारा भारी छूट पर दवाइयां बेचे जाने से छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री से इनके गलत इस्तेमाल और नकली दवाओं के प्रसार का खतरा बढ़ रहा है।
हड़ताल के मद्देनजर दवा व्यवसायियों ने आम लोगों से पहले से जरूरी दवाइयों का इंतजाम कर लेने की अपील की है।
विशेष रूप से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, बुजुर्गों और नियमित दवा लेने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दवा व्यवसायियों ने स्पष्ट किया कि यह बंद किसी मरीज को परेशान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि दवा व्यवसाय और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

