बागवानी-वन संवर्धन को लेकर शुरू हुआ राष्ट्रीय कार्यशाला

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बागवानी-वन संवर्धन को लेकर शुरू हुआ राष्ट्रीय कार्यशाला


-आधुनिक तकनीक और एग्रोफॉरेस्ट्री से बढ़ेगी किसानों की आय, विशेषज्ञों ने दिया आत्मनिर्भर खेती का मंत्र

पूर्वी चंपारण,20 मार्च (हि.स.)।जिले के पीपराकोठी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय वानिकी एवं उद्यानिकी महाविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को बागवानी-वन संवर्धन उत्पादन प्रणाली पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

इसका उद्घाटन एसएबीएम के निदेशक डॉ. राम दत्त, डीएफओ आरके शर्मा, डीएओ मनीष कुमार, महाविद्यालय के डीन डॉ. कुंदन किशोर और प्रोफेसर डॉ. आरके झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों का मोमेंटो, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राम दत्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम किसानों और छात्रों के लिए कृषि क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने बताया कि आधुनिक खेती, एग्रोफॉरेस्ट्री और बागवानी के समन्वय से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। डॉ. दत्त ने जोर दिया कि विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करेगी और उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने बदलते समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

महाविद्यालय के डीन डॉ. कुंदन किशोर ने अपने संबोधन में बागवानी क्षेत्र में अपार संभावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। डीन ने यह भी बताया कि फल एवं सब्जी उत्पादन न केवल किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्रों और किसानों को नई तकनीकों को सीखकर कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह दी। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. आरबी शर्मा, नवीन कुमार, गायत्री पाढ़ी, एटीएम राजेश्वर सिंह, प्रगतिशील किसान राजेश कुमार यादव, रविन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और किसान उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार

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