राष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने गुरु तेग बहादुर जी के दर्शन, आध्यात्मिक दृष्टि और सार्वभौमिक संदेश पर किया विचार-विमर्श

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राष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने गुरु तेग बहादुर जी के दर्शन, आध्यात्मिक दृष्टि और सार्वभौमिक संदेश पर किया विचार-विमर्श


पटना, 04 मई (हि.स.)।

“श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाएं” विषय पर अयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज समापन हो गया। यह संगोष्ठी 3–4 मई को पटना साहिब की पवित्र धरती पर की गई।

संगोष्ठी में विभिन्न शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्वानों ने गुरु तेग बहादुर जी के दर्शन, आध्यात्मिक दृष्टि और सार्वभौमिक संदेश पर विचार-विमर्श किया। विशेष रूप से उनके बलिदान, धार्मिक स्वतंत्रता और मानव गरिमा के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।

बिहार के विभिन्न क्षेत्रों सासाराम, किशनगंज, कटिहार आदि से बड़ी संख्या में संगत ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो गुरु साहिब की विरासत के प्रति गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।

उद्घाटन समारोह में बिहार के राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। यह संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के राष्ट्रीय स्मरण कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी।

इस अवसर पर विधायक संजीव चौरसिया भी उपस्थित रहे और उन्होंने साहित्य अकादेमी तथा तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के पदाधिकारियों को इस पावन भूमि पर, जो कि पटना साहिब में स्थित तख्त श्री हरिमंदिर साहिब तथा गुरु गोबिंद सिंह की जन्मस्थली है, ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी।

आयोजकों ने सभी गणमान्य अतिथियों, विद्वानों और प्रतिभागियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सार्थक और प्रेरणादायक शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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