सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

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सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया


सुपौल, 28 फ़रवरी (हि.स.)। जिला अभियंत्रण महाविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। यह आयोजन महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में उनके जन्मदिवस पर किया गया।

इस अवसर पर “सर सी.वी. रमन टैलेंट सर्च टेस्ट इन साइंस 2025-26” के अंतर्गत मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में मो. मेहताब रहमानी, डीपीओ (एमडीएम), सुपौल उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, अनुशासन और नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महाविद्यालय द्वारा जिला स्तर पर आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में शोध और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देते हैं।

सुपौल जिले के कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लिया था। परीक्षा में तृतीय से दशम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार राशि एवं मेडल प्रदान किए गए, जबकि छठे से दशम स्थान तक के विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विज्ञान विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया तथा छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली और तकनीकी उपकरणों की जानकारी दी गई, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक समझ का विस्तार हो सके।

आयोजन समिति की ओर से गोपाल कृष्ण, नंदन कुमार राजू, डॉ. चन्दन कुमार, श्री गौरव कुमार और डॉ. विजय कुमार मंडल सहित अन्य सदस्यों ने अतिथि स्वागत, मंच संचालन, तकनीकी व्यवस्था एवं पुरस्कार वितरण की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। अन्य कर्मियों का भी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समापन अवसर पर डॉ. चन्दन कुमार, डीन एकेडेमिक्स ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।

प्राचार्य डॉ. अच्युता नंद मिश्रा ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना, अनुसंधान प्रवृत्ति और वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं, जो भविष्य में उन्हें नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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