राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य, बैंक व विभागीय अधिकारियों को नोटिस भेजने का निर्देश
कटिहार, 24 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) व बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसकी सफलता और अधिक से अधिक वादों के निष्पादन को लेकर सोमवार को व्यवहार न्यायालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अवर न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) कमलेश सिंह देऊ ने की।
बैठक में डीएलएसए सचिव ने अग्रणी बैंक प्रबंधक (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) सहित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बिहार ग्रामीण बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे लोक अदालत के लिए चिन्हित ऋण खातों के धारकों को अविलंब नोटिस तामीला कराएं। उन्होंने मामलों के त्वरित एवं सुलहनीय निपटारे के लिए पक्षकारों के साथ प्री-सिटिंग (पूर्व बैठक) आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि निर्धारित तिथि को अधिक से अधिक मामलों का समझौता कराया जा सके।
समीक्षा बैठक के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), वन प्रमंडल, जिला नीलाम पत्र कार्यालय तथा माप-तौल विभाग के उपस्थित अधिकारियों को भी अपने-अपने विभागों में लंबित मामलों को चिन्हित कर संबंधित पक्षकारों को शीघ्र नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया।
डीएलएसए सचिव कमलेश सिंह देऊ ने जिले के आम नागरिकों व वादकारियों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का भरपूर लाभ उठाएं। लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का अंतिम निपटारा कराया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

