राजगीर में करोड़ों रुपए की लगाई गई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था फेल

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राजगीर में करोड़ों रुपए की लगाई गई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था फेल


नालंदा, 15 मई (हि.स.)। वैश्विक पर्यटन एवं आध्यात्मिक नगरी राजगीर में 17 मई से शुरू होने वाले राजकीय मलमास मेला की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा मेला को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।

शहर के चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और गलियों में करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों में आधे से अधिक बंद पड़े हैं, जिससे शाम ढलते ही कई इलाके अंधेरे में डूब जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने और ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। हालत यह है कि राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य मार्ग से लेकर मोहल्लों की गलियों तक अंधेरा पसरा हुआ है।

करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गई लाइटें अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं। लोगों का कहना है कि कागजों पर मरम्मत दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

मलमास मेला शुरू होने में अब महज एक दिन का समय बचा है। इस दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु, पर्यटक और साधु-संत राजगीर पहुंचेंगे। ऐसे में खराब पथ प्रकाश व्यवस्था लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अविलंब सभी बंद पड़े स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग की है।समाजसेवी पंकज कुमार ने कहा कि राजगीर पर्यटन और आस्था का वैश्विक केंद्र है, लेकिन यहां की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद सड़कें अंधेरे में डूबी हैं, जो प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

समाजसेवी बागीश भूषण ने कहा कि मलमास मेला बिहार की सांस्कृतिक पहचान है, लेकिन बदहाल व्यवस्था तैयारियों की पोल खोल रही है। उन्होंने कहा कि केवल बैठकों से नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई से व्यवस्था सुधरेगी।

पूर्व प्रमुख सुधीर कुमार पटेल ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से लगाए गए हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट अब शोपीस बनकर रह गए हैं।

युवा राजद के प्रदेश सचिव गोलू यादव ने कहा कि मेला क्षेत्र में अंधेरा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और प्रशासन को जवाबदेही तय करनी चाहिए।इधर नगर परिषद, राजगीर के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिशियन गणपत के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।

उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में बंद पड़े सभी स्ट्रीट लाइटों को 15 मई तक मरम्मत कर चालू करने का लक्ष्य दिया गया है। बावजूद इसके स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो मलमास मेला के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

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