मुजफ्फरपुर:तिरहुत नहर का तटबंध 40 फीट टूटा, आधा दर्जन गांव के करीब पाँच एकड़ खेत जलमग्न
मुजफ्फरपुर, 27 सितंबर (हि.स.)।
जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत रक्सा पंचायत में रविवार अहले सुबह तिरहुत मुख्य नहर का तटबंध सह पक्की सड़क अचानक करीब 40 फीट में टूट गया। तटबंध के टूटने से नहर का लबालब पानी बेहद तेजी से आसपास के गांव के सरेह खेतों में फैलने लगा।
इस घटना से रक्सा दक्षिण और रक्सा डीह का ग्रामीण सड़क से संपर्क टूट गया है, जबकि रक्सा, विशुनपुर, पररी और चैनपुर समेत आधा दर्जन गांवों के करीब पांच एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं।
स्थानीय किसानों की फसलें डूबने से भारी नुकसान की भी आशंका जताई जा रही है। क्योंकि आपको बताते चले कि बुधवार से लेकर शनिवार की रात तक तूफान की वजह से लगातार बारिश हो रही थी ऐसे में नहर का पानी खेतों में प्रवेश करने से जलमग्न हो गया है ।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार को मामले से अवगत कराया। इसके बाद विधायक ने तत्परता दिखाते हुए मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया और विभागीय अधिकारियों व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम (पश्चिमी) स्नेहा कुमारी ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को तत्काल अलर्ट कर दिया गया था। दुर्घटना स्थल पर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है। एसडीएम ने कहा, नहर में पानी का जलस्तर और दबाव इतना अधिक नहीं था कि तटबंध स्वतः टूट जाए, इसलिए इसके दबाव से टूटने की संभावना काफी कम है। पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
दूसरी ओर, कांटी से जदयू विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बीते 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूटा था। विधायक ने कहा, यह बांध पानी के दबाव से अपने आप नहीं टूटा है, बल्कि पूर्व की भांति किसी असामाजिक तत्व द्वारा इसे काटा गया है। पुलिस प्रशासन को अविलंब मामला दर्ज कर गहन जांच करनी चाहिए और दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।
स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि नहर पर बनी यह पक्की सड़क रीवा रोड से निकलकर नहर के समानांतर चलते हुए सीधे चंपारण तक जाती है। सड़क के कटने से ग्रामीणों को आवाजाही में थोड़ा फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम मशीनों और मजदूरों की मदद से कटे हुए हिस्से को बांधने और स्थिति पर काबू पाने में जुटी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज कुमार

