मुर्दा के प्रमाण पत्र पर नौकरी! नव सृजित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर फर्जीवाड़े का आरोप

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मधेपुरा, 16 मार्च (हि.स.)। बिहार में

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत नव सृजित प्राथमिक विद्यालय कोल्हाय पट्टी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पदस्थापित एक शिक्षक अपने ही मृत भाई के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली और वर्षों से कार्यरत भी है।

मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में कार्यरत राज कुमार राज उर्फ अजय कुमार अपने दिवंगत भाई के नाम से मिले शैक्षणिक प्रमाण पत्र का उपयोग कर शिक्षक की नौकरी प्राप्त कर ली। मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस तरह की अनियमितता की चर्चा हो रही थी, लेकिन अब जब इस मामले में लिखित शिकायत सामने आई है तो जांच की मांग तेज हो गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अगर नियुक्ति के समय दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की जाती तो इस तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आती।

ग्रामीणों ने कहा कि इसका एक सबूत है कि वर्ष 2003-4 के वोटर लिस्ट में स्व चंदेश्वरी यादव के तीन पुत्र क्रमशः जयकुमार, राज कुमार राज और अजय कुमार है लेकिन वर्ष 2004 में राजकुमार राज की मृत्यु हो गई। वर्ष 2025 में एस आई आर के बाद हुए जनगणना में राजकुमार राज का नाम हटा दिया गया।

लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जिस व्यक्ति का नाम अजय कुमार था उसका नाम राजकुमार राज उर्फ अजय कुमार कैसे हो गया। पूर्व के वोटर लिस्ट में उनका नाम हर जगह अजय कुमार है और अब राजकुमार राज उर्फ अजय कुमार के नाम से वह शिक्षक बन बैठा है।

लोगों ने कहा है कि एक फर्जी व्यक्ति शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं यह समाज को कैसा दिशा और दशा देंगे यह खुद बर्बाद है बच्चों के भविष्य को भी बर्बाद करेंगे ऐसे फर्जी शिक्षकों पर तुरंत कार्रवाई होना चाहिए। लोगों ने उनके सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के जांच का मांग किया है और अजय कुमार से कैसे राजकुमार राज और अजय कुमार हो गया इसके भी जांच की मांग की गई है।

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग शिक्षा विभाग से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Prashant Kumar

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