चम्पारण तटबंध टूटने की सूचना पर बाढ़ पीड़ितों के बीच सांसद पप्पू यादव पहुंचे

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चम्पारण तटबंध टूटने की सूचना पर बाढ़ पीड़ितों के बीच सांसद पप्पू यादव पहुंचे


चम्पारण तटबंध टूटने की सूचना पर बाढ़ पीड़ितों के बीच सांसद पप्पू यादव पहुंचे


चम्पारण तटबंध टूटने की सूचना पर बाढ़ पीड़ितों के बीच सांसद पप्पू यादव पहुंचे


पश्चिम चम्पारण(बगहा), 29 सितंबर (हि.स.)। प्रखंड बगहा-1 के सिंघारी-पिपरिया पंचायत अंतर्गत खैरटवा दरोगा चौक के समीप सोमवार के बीती रात दस बजे चंपारण तटबंध टूटने की सूचना पर मंगलवार को सांसद पप्पू यादव मंगलवार को मौके पर पहुंचे, उनके साथ बगहा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सह समाजसेवी जयेश मंगल सिंह भी मौजूद रहें।

सांसद ने क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

सांसद ने चंपारण तटबंध के तीन स्थान पर टूटने को लेकर विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष एंटी एरोजन और फ्लड फाइटिंग के नाम पर करोड़ों रुपया खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद तटबंध सुरक्षित नहीं रह पा रहा है। उन्होंने तटबंध टूटने के मामलों में जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के बाद वर्ष 2026 में भी तटबंध टूटने से बगहा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ी है। वाल्मीकिनगर-बगहा क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष बाढ़ से हजारों एकड़ फसल प्रभावित होती है और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सांसद ने तटबंधों की सुरक्षा के लिए गाइड बांध और ठोकर निर्माण कराने तथा नदी में जमा गाद की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

सांसद ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में नाव, मेडिकल सुविधा और सामुदायिक रसोई संचालित करने की मांग की। साथ ही वर्ष 2024 और 2026 में तटबंध टूटने की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं अभियंताओं पर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने वाल्मीकिनगर और बगहा क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करने, बाढ़ प्रभावित किसानों का पांच वर्ष का ऋण माफ करने तथा फसल एवं अन्य क्षति का उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। सांसद ने बाढ़ से हुई क्षति का ड्रोन और एआई तकनीक के माध्यम से सर्वे कराने की मांग की, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जा सके।

इधर, जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए 1,500 ड्राई राशन पैकेट तैयार रखे हैं। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बगहा-2 प्रखंड क्षेत्र के लक्ष्मीपुर तथा बगहा-1 के सिंघारी-पिपरिया पंचायत अंतर्गत खैरटवा दरोगा चौक के समीप तटबंध टूटने वाले स्थान पर मेडिकल कैंप और राहत शिविर भी संचालित किये जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी

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