नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में संदिग्ध युवक की आवाजाही
भागलपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में पिछले दो-तीन महीनों से एक संदिग्ध युवक की लगातार मौजूदगी ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि युवक नियमित रूप से अस्पताल परिसर में देखा जा रहा है और एक विशेष चिकित्सक के साथ उसकी नजदीकी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि जब उक्त चिकित्सक ड्यूटी पर रहते हैं, उस समय यह युवक कभी उनके चेंबर में, तो कभी इमरजेंसी वार्ड में नजर आता है। कई बार उसे मरीजों के बीच कुर्सी पर बैठा भी देखा गया है तो कभी इमरजेंसी में ईलाज करते हुए नजर आता हैं।
हालांकि उसकी भूमिका क्या है और वह किस अधिकार से अस्पताल के संवेदनशील हिस्सों में प्रवेश करता है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, युवक नवगछिया क्षेत्र का ही रहने वाला है और कुछ लोग उसे संबंधित चिकित्सक का कंपाउंडर बता रहे हैं।
हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या दस्तावेज सामने नहीं आए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना किसी वैध पहचान के कोई व्यक्ति अस्पताल की गतिविधियों में कैसे शामिल हो सकता है।
अस्पताल में सुरक्षा के लिए गार्डों की तैनाती की गई है, जिन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद एक संदिग्ध व्यक्ति का इस तरह से बेरोकटोक अस्पताल में आना-जाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है। इस मामले पर अस्पताल प्रबंधक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें भी यही जानकारी दी जाती है कि वह युवक संबंधित चिकित्सक का लोग है।
मामला संवेदनशील होने के कारण लोगों नें इसकी जानकारी भागलपुर के सिविल सर्जन को दे दी है। बताया जाता है कि सिविल सर्जन ने भी टेलीफोन के माध्यम से जानकारी ली है। शनिवार को युवक के अस्पताल पहुंचने पर कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया और मामले को लेकर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अस्पताल में लगे हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के बावजूद उसकी गतिविधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

