अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर बच्चों को दिया गया जानकारी
अररिया 21 फरवरी(हि।स.)।
फारबिसगंज के तिरसकुंड के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शनिवार को मातृभाषा दिवस मनाया गया।बच्चों को मातृभाषा और दिवस को लेकर जानकारियां दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी को दुनिया भर में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बहुभाषावाद को बढ़ावा देने और मातृभाषाओं के संरक्षण के लिए मनाया जाता है। यह दिन 1952 में बांग्ला भाषा के लिए हुए संघर्ष में शहीद हुए लोगों की याद में और भाषाई विविधता के सम्मान में मनाया जाता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि मातृभाषा दिवस मनाने के मुख्य उद्देश्य और कारण भाषाई विविधता का संरक्षण इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में लुप्त हो रही भाषाओं को बचाना और उन्हें बढ़ावा देना है।
मातृभाषा में शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत हमारे सांस्कृतिक और बौद्धिक ज्ञान का भंडार हैं। मातृभाषा ही हमारी पहचान, संस्कृति और मूल्यों को संजोकर रखती है।
बहुभाषावाद यह दिन विभिन्न संस्कृतियों के बीच बेहतर समझ, सहिष्णुता और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए बहुभाषी शिक्षा का समर्थन करता है।यूनेस्को ने 1999 में इस दिन की घोषणा की थी और 2000 से यह विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है।
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा की मातृभाषा के बिना कोई भी भाषा अपने आप में एक गूंगा है। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत विद्युत घात,जलजमाव, बोरिंग के गड्ढे में होने वाले दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

