कोसी का कहर: सुपौल में 25 से अधिक घर नदी में समाए, कटाव से दहशत
सुपौल, 09 जुलाई (हि.स.)। मानसून के दौरान कोसी नदी का रौद्र रूप एक बार फिर सुपौल जिले में तबाही मचा रहा है।
किशनपुर प्रखंड की दुबियाही पंचायत के बेला गोठ वार्ड संख्या 6 में लगातार हो रहे कटाव से अब तक 25 से अधिक घर कोसी नदी में समा चुके हैं। इसके अलावा सैकड़ों बीघा कृषि भूमि भी नदी की तेज धारा में बह गई है, जबकि कई अन्य मकान कटाव की जद में हैं।
भय के माहौल में ग्रामीण पूरी रात जागकर अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कोसी नदी का कटाव हर दिन तेज होता जा रहा है। कई परिवारों का आशियाना उजड़ चुका है और गांव के लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
उनका कहना है कि यदि तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में दर्जनों और घर तथा संपर्क मार्ग भी नदी में समा सकते हैं।
कटाव से प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरी में लोग निजी नाव संचालकों को तीन से पांच हजार रुपये तक देकर अपने घर का सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं। वहीं अब तक पॉलीथिन शीट और अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सूचना देने के बावजूद राहत कार्य में तेजी नहीं आई है। उनका कहना है कि नदी पार करने में कठिनाई के कारण प्रशासनिक जांच में देरी हो रही है, जिससे सरकारी सहायता भी प्रभावित हो रही है।
राजस्व कर्मचारी आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची प्राप्त हो गई है और अगले दो दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अंचल अधिकारी सुशीला कुमारी ने भी कहा कि राजस्व कर्मचारी को जांच के लिए भेजा जा रहा है तथा पात्र परिवारों को सरकारी सहायता दी जाएगी।
वार्ड सदस्य रामकुमार मंडल, पूर्व वार्ड सदस्य शोभा देवी, वार्ड पंच बम भोला मंडल समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बेला घाट पर तत्काल सरकारी नाव उपलब्ध कराने, युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू करने, राहत सामग्री वितरण, बेघर परिवारों को शीघ्र मुआवजा एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

