विधायक ई आई पी गुप्ता ने शिक्षक और रक्षक को सर्वाधिक वेतन दिए जाने की मांग की
सहरसा, 26 अगस्त (हि.स.)। बनवारी शंकर महाविद्यालय, सिमराहा में आयोजित सम्मान समारोह में सहरसा विधायक एवं जनप्रतिनिधि सदस्य ई.आई.पी. गुप्ता ने कहा कि डिग्री महाविद्यालय में उनका सम्मान विधायक के रूप में नहीं, बल्कि एक छात्र के रूप में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस सम्मान को आशीर्वाद के रूप में स्वीकार करते हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए विधायक ई.आई.पी. गुप्ता ने कहा कि वे हमेशा मानते रहे हैं कि यदि उन्हें देश के बड़े सदन में जाने का अवसर मिला तो वे शिक्षक और रक्षक को सर्वाधिक वेतन दिए जाने की मांग करेंगे।
उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना के समय पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाने वाले लोगों के योगदान की सराहना की।विधायक ने कहा कि सहरसा के संबंध में उन्हें जमीनी स्तर पर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ी, जिसके बाद वे समझ पाए कि यहां से विश्वविद्यालय और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाएं दूसरे स्थानों पर क्यों चली गईं। उन्होंने कहा कि समाज को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित होने के बजाय विकास के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने वित्त अनुदानित महाविद्यालयों की समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया।
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं सहरसा के पूर्व विधायक अरुण कुमार ने कहा कि सिमराहा के किसान परिवार स्वयं आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन-यापन करते हुए भी इस शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई। उन्होंने ऐसे त्यागी परिवारों को नमन करते हुए कहा कि वित्त अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया है और कई शिक्षक सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। सरकार को ऐसे महाविद्यालयों के अधिग्रहण पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
डॉ. योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता एवं प्रो. हरि नारायण यादव के संचालन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राजद के वरिष्ठ नेता रंजीत कुमार ने कहा कि जिस उद्देश्य से महाविद्यालय की स्थापना की गई थी, वह आज काफी हद तक सफल हो रहा है। यहां हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य संवार रहे हैं।
उन्होंने महाविद्यालय के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का भी उल्लेख किया।विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन कुमार यादव ने विधायक से पेरियार, ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 211 डिग्री महाविद्यालय खोले जाने का निर्णय सराहनीय है, लेकिन जिन महाविद्यालयों के पास अपनी भूमि, भवन और कर्मचारी उपलब्ध हैं, उनके अधिग्रहण की दिशा में भी सरकार को पहल करनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार

