सारण में प्रभारी मंत्री ने की आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक

WhatsApp Channel Join Now
सारण में प्रभारी मंत्री ने की आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक


सारण में प्रभारी मंत्री ने की आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक


सारण, 25 मई (हि.स.)। जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने और पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने की।

बैठक में जिले के तमाम जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानसून के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूरी तरह से अलर्ट एवं जागरूक मोड में रहें। उन्होंने निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों और कार्ययोजना की बिंदुवार विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने बताया कि विगत पांच वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों का गहन विश्लेषण कर आपदा प्रबंधन की एक व्यापक योजना तैयार की गई है। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप बाढ़ आपदा मानव संसाधन एवं क्रियान्वयन से जुड़ी तमाम तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं और जिला स्तर पर सभी आवश्यक संसाधनों की मैपिंग की जा चुकी है।

समीक्षा में बताया गया कि आपदा प्रबंधन के तहत जिले में वर्तमान में 31,881 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं। सारण प्रमंडल का नोडल जिला होने के नाते, आवश्यकता पड़ने पर अन्य पड़ोसी जिलों को भी पॉलिथीन शीट की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निविदा के माध्यम से दरों और आपूर्तिकर्ताओं का निर्धारण पहले ही किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, लाइफ जैकेट्स और महाजाल की समय पर आपूर्ति के लिए भी निविदा प्रक्रिया पूरी कर आदेश निर्गत कर दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के त्वरित रेस्क्यू और आवागमन के लिए प्रशासन ने 198 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा कर उन्हें तैयार स्थिति में रखा है। आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों के बीच वितरण के लिए ड्राई राशन पैकेट तथा फूड पैकेट्स तैयार करने हेतु पैकेटिंग स्थलों को भी चिन्हित कर लिया गया है।

विस्थापितों के रहने और भोजन के लिए जिले में व्यापक मुस्तैदी दिख रही है। प्रशासन द्वारा कुल 199 बाढ़ राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। साथ ही, पीड़ितों को शुद्ध और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए 178 सामुदायिक रसोई स्थलों का चयन किया गया है। बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को आपदा संपूर्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में 7,000 रुपए प्रति परिवार की दर से अनुग्रहिक अनुदान राशि भेजी जाएगी। इसके लिए परिवारों के अग्रिम सत्यापन की प्रक्रिया को पहले ही अपडेट कर लिया गया है ताकि सहायता राशि ट्रांसफर करने में देरी न हो।

बाढ़ सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिले के कुल दस मुख्य संवेदनशील स्थलों में से पांच पर सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष पांच स्थलों पर काम तेजी से चल रहा है, जिसे इसी माह के अंत तक पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

पेयजल आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले की 4,330 नल-जल योजनाओं में से जिन 560 योजनाओं में खराबी की शिकायत थी, उनमें से 542 योजनाओं को ठीक कर क्रियाशील कर दिया गया है और बची हुई योजनाओं पर काम जारी है। पेयजल व चापाकल संबंधी शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 06152-244791 जारी किया गया है, जो सुबह 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक चालू रहता है। इसके अलावा, जिला स्तर पर चौबीसों घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06152-245023 भी स्थापित है।

स्वास्थ्य विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए आवश्यक दवाओं के पर्याप्त स्टॉक के साथ 162 स्टेटिक मेडिकल टीमें और 52 मोबाइल मेडिकल टीमें गठित की हैं। वहीं, मवेशियों के चारे और उनके इलाज के लिए जिले में 32 पशु राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। दूसरी ओर, यदि सुखाड़ की स्थिति बनती है, तो किसानों की सहायता के लिए डीजल अनुदान तथा आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक कृषि व्यवस्थाओं की तैयारी भी मुकम्मल है। बैठक में उपस्थित विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए परसा विधायक हरदिया चंवर में होने वाले जलजमाव की गंभीर समस्या को उठाया, जिससे 7-8 पंचायतें प्रभावित होती हैं। इसके स्थाई समाधान हेतु तीन प्रमुख नालों की गाद सफाई की मांग की।

अमनौर विधायक कृष्ण कुमार मंटू ने रेवा घाट पर एसडीआरएफ की स्थाई प्रतिनियुक्ति करने और बाढ़ क्षेत्रों में सांप काटने की दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

तरैया विधायक जनक सिंह ने तटबंधों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने एसडीआरएफ टीमों को संवेदनशील अनुमंडलों में तैनात करने तथा कटाव निरोधी कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का सुझाव दिया। साथ ही बताया गया कि मढ़ौरा के खासपट्टी के पास ह्यूम पाइप पुलिया की जगह नए पुल निर्माण हेतु निविदा प्रक्रियाधीन है।

माझी विधायक ने तेल नदी की गाद की सफाई का मुद्दा उठाया, जिससे कई पंचायतों को जलजमाव से मुक्ति मिल सके।

छपरा विधायक ने आपदा की स्थिति में फसल क्षति का त्वरित आकलन कर किसानों को मुआवजे का जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने की बात कही।

बैठक के समापन पर प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और फीडबैक पर पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करें, ताकि आम जनता को आपदा के समय कोई असुविधा न हो।

इस उच्चस्तरीय बैठक में महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, समिति के उपाध्यक्ष द्वय रंजीत कुमार सिंह एवं अल्ताफ आलम राजू, विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह, विधायक जनक सिंह, जितेंद्र राय, कृष्ण कुमार मंटू, सुरेंद्र राम, विनय सिंह, रणधीर सिंह, छोटी कुमारी और करिश्मा उपस्थित थीं।

इसके अलावा जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी, उप महापौर रागिनी कुमारी, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, उपविकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्त्ता मुकेश कुमार, नगर आयुक्त रंजीत कुमार सहित समिति के अन्य सदस्यगण, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमण्डल पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

Share this story