घरेलू उपयोग के लिए खेत से मिट्टी लेने वाले किसानों पर जुर्माना न लगाएं खनन अधिकारी: डॉ. प्रमोद कुमार
पटना, 15 जुलाई (हि.स.)। बिहार के खान एवं भू-तत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसान अपने ही खेत से घरेलू अथवा कृषि कार्य के लिए मिट्टी निकालते हैं तो उन पर जुर्माना नहीं लगाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना अनिवार्य है और बिना तथ्य सत्यापित किए किसानों के विरुद्ध दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएं।
बुधवार को विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सहायक निदेशकों और खनन विकास पदाधिकारियों (एमडीओ) से कहा कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि किसान अपने खेत से घरेलू या कृषि उपयोग के लिए मिट्टी निकालने पर भी जुर्माने का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, जबकि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए।
मंत्री ने समीक्षा के दौरान एक मामले का उल्लेख करते हुए नाराजगी जताई, जिसमें केवल एक सब-इंस्पेक्टर के निर्देश पर एक ईंट-भट्ठे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि खनन अधिकारी बिना स्वयं जांच किए केवल किसी पुलिस अधिकारी के निर्देश पर एफआईआर कैसे दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित एफआईआर में ईंट-भट्ठा संचालक का नाम दर्ज नहीं था, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति का नाम लिखा गया था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि खनन निरीक्षकों के पास स्वयं जांच करने का अधिकार है और उन्हें किसी भी कार्रवाई से पहले तथ्यों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राजस्व संग्रह की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि पटना, औरंगाबाद, भोजपुर, रोहतास, गयाजी, नवादा, जमुई और अरवल जैसे जिले विभाग के लिए सबसे अधिक राजस्व जुटाते हैं। यदि इन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो पूरे विभाग के राजस्व लक्ष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5,000 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसे हर हाल में हासिल करने के लिए अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करना होगा।
मंत्री ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों और जिला परिषद अध्यक्षों के मोबाइल नंबर अपने पास रखें तथा उनके फोन का सम्मानपूर्वक जवाब दें। यदि किसी कारणवश तत्काल फोन नहीं उठा सकें तो बाद में अवश्य कॉल बैक करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद से आम लोगों की कई समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
बैठक में विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने बालू घाटों के बंदोबस्त में देरी, राजस्व संग्रह में कमी, समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने तथा अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती में शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले प्रत्येक जिले में राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही नव-नियुक्त खनन विकास पदाधिकारियों को बिहार खनन नियमावली, विभागीय प्रक्रियाओं और कानूनी प्रावधानों का गहन अध्ययन करने की सलाह दी।
बैठक के अंत में मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय अधिकारियों आनंद किशोर एवं सचिन किशोर को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

