बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत राशि देने और युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाने की मांग, जिलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र

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बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत राशि देने और युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाने की मांग, जिलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र


भागलपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की विभीषिका के बीच प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने की मांग को लेकर बिहार जनसंघर्ष समिति ने सोमवार को भागलपुर जिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा।

समिति ने प्रशासन से कागजी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर युद्धस्तर पर बाढ़ पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने की अपील की है। मांग पत्र सौंपने वालों में बिहार जनसंघर्ष समिति के संयोजक गौतम कुमार, सह संयोजक निर्मल कुमार, कोषाध्यक्ष सुभाष कुमार प्रसाद, संरक्षक डॉ. जयंत जलद, उज्ज्वल घोष और दीपक कुमार मंडल मुख्य रूप से शामिल थे।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को संगठन की एक विशेष टीम ने विश्वविद्यालय बाल निकेतन स्कूल, टिल्लाह कोठी, साहेबगंज, लालूचक, श्रीरामपुर, बैरिया, गोसाईदासपुर, मथुरापुर, रशदपुर एवं शंकरपुर सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया था।

इस दौरान यह बात सामने आई कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद सरकारी राहत एवं बचाव व्यवस्था नाकाफी है। कई प्रभावित इलाकों में लोग जलजमाव, आवागमन, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, स्वास्थ्य और खाद्य सामग्री की गंभीर किल्लत से जूझ रहे हैं और अत्यंत दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। इसलिए समिति यह मांग करती है कि राहत राशि देने के लिए बाढ़ समाप्त होने का इंतजार न कराया जाए। संकट की इस घड़ी में सरकारी सहायता का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि समय पर मदद पहुंचाना होना चाहिए। बाढ़ के कारण बंद पड़े विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए अस्थायी स्कूल या वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था शुरू की जाए।

दियारा और जलमग्न गांवों में लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सरकारी नावों का इंतजाम हो और पुलिस नियमित रूप से पेट्रोलिंग करे। इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चारा, भूसा, साफ पानी, सुरक्षित आश्रय स्थल और नियमित पशु चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की जाए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

समिति ने कहा है कि यदि बाढ़ पीड़ितों तक पारदर्शी और त्वरित तरीके से मदद नहीं पहुंचाई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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