बियाडा घाट पर उमड़ा जनसैलाब: जहाजों पर बाइक ले जाने की पाबंदी हटते ही मची अफरा-तफरी

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बियाडा घाट पर उमड़ा जनसैलाब: जहाजों पर बाइक ले जाने की पाबंदी हटते ही मची अफरा-तफरी


भागलपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। भागलपुर के बियाडा घाट से नवगछिया के बीच गंगा नदी पार करने वाले यात्रियों के लिए रविवार का दिन बड़ी राहत के साथ-साथ भारी गहमागहमी लेकर आया। प्रशासन द्वारा जहाजों पर मोटरसाइकिल ले जाने पर लगाई गई रोक को हटाने के बाद रविवार सुबह से ही घाट पर वाहनों और यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। पिछले कई दिनों से बाइक ले जाने की मनाही के कारण दोनों ओर के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे पाबंदी हटते ही अचानक यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ गया।

रविवार सुबह से ही बियाडा घाट के टिकट काउंटरों पर दोपहिया वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर कोई जल्द से जल्द जहाज पर सवार होने की होड़ में दिखा। जहाजों पर क्षमता से अधिक बाइक और यात्रियों के चढ़ने की स्थिति को देखते हुए घाट प्रबंधन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पाबंदी हटने से जहां नवगछिया और भागलपुर के बीच दैनिक यात्रा करने वाले नौकरीपेशा, व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

सुरक्षा में चूक और ओवरलोडिंग के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके।बियाडा घाट और नावों/जहाजों के एप्रोच रोड पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जहाजों पर क्षमता से अधिक मोटरसाइकिलें या यात्री न बैठें, इसकी निगरानी के लिए विशेष टीमें बनाई गई है।सभी जहाजों पर लाइफ जैकेट और अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। टिकट काउंटरों पर बैरिकेडिंग कर कतारों को व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि धक्का-मुक्की न हो।

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। पाबंदी हटने के कारण शुरुआत में भीड़ अधिक है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। प्रशासन ने ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर जहाज का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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