मंजूषा कला की बारीकियों को सीखने भागलपुर पहुंचे शिलांग निफ्ट के विद्यार्थी

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मंजूषा कला की बारीकियों को सीखने भागलपुर पहुंचे शिलांग निफ्ट के विद्यार्थी


भागलपुर, 30 मार्च (हि.स.)। भागलपुर के जीरो माइल स्थित रेशम भवन में सोमवार को मंजूषा कला को लेकर खास गतिविधि देखने को मिली। शिलांग, मेघालय के निफ्ट के विद्यार्थी मंजूषा कला की बारीकियों को समझने और सीखने के लिए मंजूषा प्रशिक्षक मनोज कुमार पंडित के पास पहुंचे।

यह कार्यक्रम उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के डीसी के सहयोग से रेशम भवन में संचालित 50 दिवसीय मंजूषा पेंटिंग गुरु-शिष्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसी क्रम में आज प्रतिभागियों की प्रायोगिक परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी चयनित प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षक मनोज कुमार पंडित के नेतृत्व में अनुकृति कुमारी द्वारा परीक्षा संपन्न कराई गई।

प्रतिभागियों ने मंजूषा कला की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ अपनी प्रैक्टिकल कॉपियाँ भी जमा कीं और प्रायोगिक परीक्षा दी। इस दौरान शिलांग निफ्ट के विद्यार्थियों ने भागलपुर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर मंजूषा कला की बारीकियों को नजदीक से सीखा और प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए वस्त्र, पेंटिंग और अन्य कलाकृतियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में सभी विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे।

प्रतिभागियों में सुरभि सुमन, सुप्रिया कुमारी, खुशबू कुमारी, सलेहा कुमारी, शालिनी कुमारी, मानवी कुमारी, नुसरत, नेहा कुमारी, रीना कुमारी, पूनम देवी, विवेक कुमार शाह, तनुजा कुमारी, मोनिका कुमारी, सपना कुमारी, चांदनी कुमारी, कविता देवी, नीलम कुमारी, चांदनी देवी, नूतन भारती, राधा रानी सहित अन्य शामिल रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कहा कि मंजूषा कला बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे सीखना उनके लिए गर्व की बात है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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