शाही स्नान में 3 लाख साधु संतों ने आस्था की डुबकी लगाई।
नालंदा, 27 मई (हि.स.)। जिले के राजकीय राजगीर मलमास मेला में बुधवार को शाही स्नान के दौरान 3 लाख साधु संतों ने आस्था की डुबकी लगाई।
शाही स्नान को लेकर नियंत्रण कक्ष से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं के आवागमन तथा विधि-व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
संपूर्ण मेला क्षेत्र में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नियंत्रण कक्ष से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ और प्रभावी बनी रहे।
राजकीय राजगीर मलमास मेला बिहार ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मलमास अवधि में राजगीर स्थित विभिन्न कुंडों एवं सरोवरों में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की सहायता से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इसके लिए एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से संपूर्ण मेला क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण कक्ष में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने जानकारी देते हुए कहा कि शाही स्नान के दौरान भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक रूप से पुलिस बल की चाक चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की गई है । चप्पे-चप्पे मेला क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश एवं निकास द्वारों, स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी एवं जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस बल की भी पर्याप्त तैनाती की गई है।श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। विभिन्न मार्गों पर यातायात नियंत्रण के लिए दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

