तिलकुट के दुकानों से सजा भागलपुर का बाजार

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तिलकुट के दुकानों से सजा भागलपुर का बाजार


भागलपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति को लेकर भागलपुर का बाजार तिलकुट के दुकानों से सज चुका है। खोआ और मावा वाले तिलकुट, चूड़ा, लाई, गुड़, और तिल की मांग बढ़ गई है।

विभिन्न स्वाद वाले और कई वैरायटी के तिलकुट यहां मिल रहे हैं। इनकी कीमतें 250 से 600 प्रति किलो तक हैं। जिससे मकर संक्रांति की रौनक बढ़ गई है। भागलपुर शहर के चौक-चौराहों वेराइटी चौक, तिलकामांझी चौक, भीखनपुर चौक, मिरजान चौक पर दुकानें सजी हैं। यहां खोआ-मावा, चीनी और गुड़ से बने तिलकुट, तिल के लड्डू, कतरनी चूड़ा, लाई और तिल की बिक्री हो रही है।

दही-चूड़ा के साथ तिलकुट खाने के महत्व के कारण इसकी मांग काफी बढ़ गई है। गया के कारीगर भी आकर तिलकुट बना रहे हैं और लोग खोआ वाले तिलकुट को पसंद कर रहे हैं, भले ही महंगाई अधिक हो।‌ विभिन्न फ्लेवर और डिज़ाइन के तिलकुट उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।‌ दूध-दही समेत अन्य मकर संक्रांति व्यंजन से इस बार 10 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की संभावना है। शहर के सभी चौक-चौराहे पर तिलकुट, तिलवा, कतरनी चूड़ा, तिल, गुड़, लाई आदि की दुकानें सज गयी हैं।

बाजार के कारोबारियों की मानें तो जिले में 1000 क्विंटल चूड़ा-चावल, गुड़, तिलकुट आदि व्यंजन की बिक्री होगी। बाजार में अभी मोटा चूड़ा 40 से 45 रुपये किलो, जबकि छोटा चूड़ा मालभोग, कतरनी, सोनम-संभा 55 से लेकर 150 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। गीला गुड़ 50 रुपये किलो, सूखा गुड़ 70 से 100 रुपये किलो, तिलवा 90 रुपये किलो, काला तिल 220 रुपये किलो, 180 रुपये किलो उजला तिल बिक रहा है। तिलकुट दुकानदार बताते हैं कि यहां खोवा और मावा वाले तिलकुट भी उपलब्ध हैं। अभी तिलकुट 250 से 600 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। वहीं तिलवा और गुड़ कारोबारी ने बताया कि गुड़ 50 से 100 रुपये किलो तक, सूखा गुड़ 70 से 100 रुपये किलो, मिठाई गुड़ 100 रुपये किलो बिक रहे हैं। मूढ़ी और चूड़ा भूजा 60 से 70 रुपये किलो, लाई 100 रुपये किलो, तिल लड्डू 300 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। चूड़ा और चावल व्यवसायी ने बताया कि जैविक कतरनी चूड़ा 150 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। भागलपुर से कतरनी, सोनम और संभा चूड़ा देश के विभिन्न हिस्सों में सौगात के रूप में भेजा जाने लगा है। ऐसे में पूरे जिले से सभी तरह का चूड़ा और चावल की बिक्री 1000 क्विंटल होना स्वाभाविक है।

सामान्य दिनों से पांचगुनी बिक्री बढ़ गयी है। अभी मोटा चूड़ा 3800 से 4000 रुपये क्विंटल, जबकि कतरनी चूड़ा 10000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कीमत में बिक रहे हैं। पहले रोजाना पांच से 20 हजार रुपये का कारोबार होता था, अभी 50 से 70 हजार रुपये का कारोबार हो रहा है। सोनम और संभा चूड़ा 55 से 60 रुपये किलो बिक रहे हैं। इसके अलावा दूध व दही से भी मकर संक्रांति पर लाखों का कारोबार होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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