परिवारवादी पार्टियों में राजा का बेटा ही राजा बनता है, तेजस्वी उसी के उदाहरण: मैथिली ठाकुर

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पटना, 10 मई (हि.स.)। भाजपा के विधायक मैथिली ठाकुर ने रविवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के मंत्रिमंडल में परिवारवाद को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि जो लोग खुद इस तरह का काम करते हैं, उनको सब लोग उसी तरह दिखाई देते हैं।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिना सोचे-समझे बोलते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव को अपने पिताजी से जानकारी लेने की सलाह देते हुए कहा कि जब उनके पिता लालू यादव जेल गए, तो अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया, जो अपना नाम तक लिखना नहीं जानती थीं।

उन्होंने कहा कि जब उपमुख्यमंत्री बनाने की बात आई, तो अपने पुत्र तेजस्वी को चुना गया, जो नौवीं कक्षा में फेल हैं। बाद में, तेज प्रताप को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया और मीसा भारती को संसदीय चुनाव का टिकट दिया गया। यही नहीं, सारण लोकसभा क्षेत्र से भी अपनी पुत्री रोहिणी आचार्या को राजद के टिकट पर चुनाव मैदान में उतार दिया गया।

विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी को परिवारवाद की परिभाषा आगे जानना चाहिए, तब किसी पर अंगुली उठानी चाहिए। परिवारवादी पार्टियों में राजा का बेटा राजा बनता है, तेजस्वी यादव इसके उदाहरण है। दूसरी ओर भाजपा एनडीए में यह नहीं होता है। आम कार्यकर्ता में से एक पार्टी के सर्वोच्च पद पर सुशोभित होता है।

उंन्होने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सम्राट सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उसकी परिणति भी लोगों को देखने को मिल रही है। सरकार ने साफ कर दिया है अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति रहेगी। उंन्होने कहा कि अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना होगा या बिहार। कई अपराधियों को जमींदोज किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और जहां भी अपराध होगा, वहां पुलिस प्रशासन को सख्ती से नकेल कसनी ही चाहिए और सरकार वही कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

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