मदरसा नोमानिया डुमरिया ईदगाह की कमिटी गठन में हंगामा और मारपीट
अररिया, 06 जनवरी(हि.स.)। अररिया के जोकीहाट स्थित मदरसा नोमानिया डुमरिया ईदगाह में कमिटी गठन को लेकर हुए बैठक में दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा और मारपीट हुई।
मदरसा के हेड मौलाना फिरोज आलम कासमी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक के शुरू होने के साथ ही दो पक्षों में आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। 2024 में ही पूर्व की कमिटी का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद बिहार मदरसा बोर्ड के दिशा निर्देश के आलोक में नई कमिटी गठन को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इससे पूर्व भी जिला शिक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में नई कमिटी के गठन को लेकर हुई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी।
हंगामे के बाद एक पक्ष के लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर वहां से चले गए।जिसके बाद मौजूद लोगों और ग्रामीणों की सहमति से नई कमिटी का गठन किसी तरह पूरा किया गया। दूसरी ओर आज के बैठक को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बैठक की कोई जानकारी मिलने से इंकार किया। डीईओ ने नियमों और निर्धारित दिशा निर्देश के विरुद्ध कमिटी गठन को लेकर मामले की जांच कराने और कार्रवाई की बात कही।
बैठक शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और कमिटी गठन को लेकर दो पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। लंबे समय से चली आ रही आपसी खींचतान के कारण कुछ समय के लिए हंगामा और आपस में मारपीट भी हुआ, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।
बताया गया कि पूर्व कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बावजूद नई कमेटी का गठन नहीं हो पा रहा था। इस संबंध में हेड मौलाना फिरोज आलम कासमी ने स्पष्ट किया कि पूर्व कमेटी का कार्यकाल वर्ष 2024 में ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में बिहार मदरसा बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार नई कमेटी का गठन आवश्यक हो गया था।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विधिवत लिखित आवेदन मदरसा बोर्ड को सौंप दिया गया है। मौलाना फिरोज आलम ने यह भी कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बैठक में मदरसा परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। मस्जिदों में इस्तेहार चस्पा कर बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था।
उल्लेखनीय हो कि इससे पूर्व भी कमीटी गठन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी स्वयं उपस्थित थे। उस बैठक में भी काफी हंगामा हुआ था और कमिटी का गठन नहीं हो सका था। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मदरसा की शैक्षणिक व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बैठक छोड़ दी थी। बाद में निर्गत पत्र में निर्देश दिया गया था कि कमेटी गठन की बैठक बिहार मदरसा बोर्ड द्वारा नामित सदस्य की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए।
हालांकि सोमवार को हुई बैठक में मदरसा बोर्ड या शिक्षा विभाग का कोई भी पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। इस पर हेड मौलाना ने बताया कि बैठक की सूचना बीईओ को दी गई थी, लेकिन वे किसी कारणवश नहीं आ सके। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक पक्ष ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वहां से चले जाने का फैसला किया। इसके बावजूद उपस्थित ग्रामीणों ने आपसी सहमति से नई कमेटी का गठन कर लिया।
इस मामले पर पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं है। यदि नियमों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के विरुद्ध कमेटी का गठन किया गया है, तो मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

