जिले में एलपीजी गैस की कोई समस्या नहीं ,शादी विवाह के लिए एसडीएम को करना होगा आवेदन

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जिले में एलपीजी गैस की कोई समस्या नहीं ,शादी विवाह के लिए एसडीएम को करना होगा आवेदन


जिले में एलपीजी गैस की कोई समस्या नहीं ,शादी विवाह के लिए एसडीएम को करना होगा आवेदन


सुपौल, 10 अप्रैल (हि.स.)। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्वाध ईंधन एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए एवं कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने एवं वैवाहिक कार्य हेतु वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार और डीपीआरओ विकास कुमार कर्ण ने शुक्रवार को बताया कि जिला प्रशासन आम जनमानस की सुविधा के लिए विभाग से प्राप्त निदेश के आलोक में वैवाहिक कार्यों में उपयोग करने हेतु वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति कराने के लिए तत्पर है। इसके लिए संबंधित रसोईयों कैटरर्स को वाणिज्यिक गैस के लिए तेल कम्पनीयों के पास निबंधन कराना होगा, जिनका निबंधन संबंधित तेल कम्पनीयों द्वारा 5-7 दिनों के भीतर करना होगा। जिन व्यक्ति विशेष के घर में वैवाहिक कार्यक्रम है, उन्हें शादी के कार्ड के साथ अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को, इस बात का स्पष्ट उल्लेख करते हुये कि उन्हें कितने वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आवश्यकता है, और उसमें कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है, को आवेदन करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी आकलन करके संबंधित व्यक्ति विशेष के लिए रसोईया / कैटरर्स को तेल कम्पनी के माध्यम से गैस उपलब्ध करायेंगे।

जिले के गैस एजेंसियों के पास लगभग 13091 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है और आज 4657 अतिरिक्त एलपीजी गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। कल 9.04.2026 को लगभग 4797 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 23181 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 47 गैस एजेंसियों पर अभी एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 4 मुरली इण्डेन ग्रामीण वितरक, रत्ना इण्डेन ग्रामीण वितरक, भूसकुलिया एचपी ग्रामीण वितरक एवं सतीश भारत गैस ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है।

आज अभी तक कुल 51 एलपीजी एजेन्सी में से 24 की जांच की गई है। 33 अन्य होटलों/प्रतिष्ठानों पर एलपीजी गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जांच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में एलपीजी की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। है। तेल कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को जिनके पास वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है। पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 4 पेट्रोल पम्पों की जांच की गई है।

तेल कम्पनियों से समन्यय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु एलपीजी गैस सिलेंडरों के उठाय-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। 10 अप्रैल 2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में 11 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है।

सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है। अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। जिला प्रशासन सभी ग्राहकों से अनुरोध करता है कि वे गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगायें। सभी एजेंसियों के द्वारा होम डिलिवरी के माध्यम से ससमय गैस की आपूर्ति की जायेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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