समाज कल्याण विभाग के ‘स्पेक्टेकल स्पेशल कैंप ड्राइव’ से जन-जीवन में सकारात्मक बदलाव
पटना, 30 अप्रैल (हि.स.)।
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘स्पेक्टेकल स्पेशल कैंप ड्राइव’ राज्य में समावेशी विकास एवं जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है।
राज्य के सभी 38 जिलों में विशेष शिविरों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग द्वारा घर-घर तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रह जाए। समाज कल्याण विभाग के समन्वित प्रयासों से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले रहा है।
विभाग के मुताबिक अबतक इस अभियान के अंतर्गत राज्यभर में कुल 96,203 व्यक्तियों की नेत्र जांच की गई है तथा 81,907 लाभार्थियों को चश्मा निर्धारित किया गया है।
जिलावार प्रगति
अररिया: 1769 जांच, 1690 चश्मा
अरवल: 940 जांच, 670 चश्मा
औरंगाबाद: 1879 जांच, 1699 चश्मा
बांका: 1036 जांच, 988 चश्मा
बेगूसराय: 5256 जांच, 4785 चश्मा
भागलपुर: 2292 जांच, 1618 चश्मा
भोजपुर: 2156 जांच, 1796 चश्मा
बक्सर: 2311 जांच, 2052 चश्मा
दरभंगा: 2593 जांच, 1630 चश्मा
पूर्वी चंपारण: 5487 जांच, 4815 चश्मा
गया: 4029 जांच, 3443 चश्मा
गोपालगंज: 2452 जांच, 1969 चश्मा
जमुई: 1136 जांच, 987 चश्मा
जहानाबाद: 1138 जांच, 886 चश्मा
कैमूर: 2203 जांच, 2076 चश्मा
कटिहार: 2307 जांच, 2097 चश्मा
किशनगंज: 765 जांच, 588 चश्मा
लखीसराय: 690 जांच, 624 चश्मा
खगड़िया: 1879 जांच, 1312 चश्मा
मधेपुरा: 2235 जांच, 1984 चश्मा
मधुबनी: 3348 जांच, 2669 चश्मा
मुंगेर: 2369 जांच, 1915 चश्मा
मुजफ्फरपुर: 1906 जांच, 1539 चश्मा
नालंदा: 3486 जांच, 3219 चश्मा
नवादा: 1952 जांच, 1731 चश्मा
पटना: 7196 जांच, 6352 चश्मा
पूर्णिया: 3018 जांच, 2685 चश्मा
रोहतास: 3288 जांच, 2624 चश्मा
सहरसा: 1427 जांच, 1165 चश्मा
समस्तीपुर: 2473 जांच, 2115 चश्मा
सारण: 2994 जांच, 2679 चश्मा
शेखपुरा: 813 जांच, 748 चश्मा
शिवहर: 799 जांच, 692 चश्मा
सीतामढ़ी: 3392 जांच, 2657 चश्मा
सिवान: 2137 जांच, 1745 चश्मा
सुपौल: 4041 जांच, 3673 चश्मा
वैशाली: 4315 जांच, 3695 चश्मा
पश्चिमी चंपारण: 2696 जांच, 2295 चश्मा
समाज कल्याण विभाग के सचिव बन्दना प्रेयषी ने इस अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को निर्देश दिया है कि इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।
उन्होंने जोर दिया कि स्पष्ट दृष्टि एक बुनियादी आवश्यकता है और समाज कल्याण विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य का कोई भी नागरिक इस अधिकार से वंचित न रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

