जिला और पुलिस प्रशासन की एसएसबी एवं अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ हुई बैठक
अररिया 19 जून(हि.स.)। सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, विकास, आपदा प्रबंधन एवं समन्वित कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल एवं विभिन्न खुफिया एजेंसियों के बीच स्थानीय इंटेलिजेंस एजेंसी की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा विकासात्मक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु एक प्रभावी सूचना साझाकरण तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में डीएम ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के माध्यम से किसानों के बीच दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीमावर्ती क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नो मैंस लैंड के समांतर सोलर पैनलों का अधिष्ठापन किया जाएगा।
परियोजना की सफलता के उपरांत नेपाल सीमा से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे, जिससे सीमावर्ती गांवों में निर्बाध एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्र में बने स्पोर्ट्स स्टेडियम का उपयोग एसएसबी एवं अन्य एजेंसियों के सहयोग से युवाओं एवं युवतियों को खेल प्रशिक्षण, योग एवं अन्य गतिविधियों से जोड़ने के लिए किया जाएगा।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में व्यापार एवं आम जनजीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक एवं केनरा बैंक द्वारा जोगबनी एवं फारबिसगंज में मुद्रा विनिमय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने एसएसबी से अनुरोध किया कि आपदा की स्थिति में उनके प्रशिक्षित गोताखोरों एवं बचाव संसाधनों की सहायता जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
सभी एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
बैठक में एसएसबी के डीआईजी मधुकर अमिताभ, डीएम विनोद दूहन, एसपी जीतेंद्र कुमार, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल तथा विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

