नरमुंड और डीएनए जांच से खुला रेणु देवी हत्याकांड का खौफनाक राज, पति को उम्रकैद

WhatsApp Channel Join Now
नरमुंड और डीएनए जांच से खुला रेणु देवी हत्याकांड का खौफनाक राज, पति को उम्रकैद


भागलपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय)-सह-विशेष न्यायालय (निगरानी) दीपक कुमार की अदालत ने बुधवार को दो साल पुराने चर्चित रेणु देवी हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने महिला की बेरहमी से हत्या करने के दोषी पति अरविंद पासवान को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

जुर्माना न भरने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मामले में अपर लोक अभियोजक (एपीपी) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतका रेणु देवी की दूसरी शादी अरविंद पासवान के साथ हुई थी। दो साल पहले रेणु की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई थी। जब पुलिस ने शव बरामद किया, तो मृतका के शरीर पर 6 से 7 जगह गहरे जख्म के निशान थे और उसका सिर गायब था। इस अंधाधुंध क्रूरता ने पुलिस जांच को बेहद पेचीदा बना दिया था। घटना के करीब 7 से 8 दिन बाद पुलिस ने एक नरमुंड बरामद किया था। बिना सिर वाले धड़ और अलग से मिले नरमुंड की पहचान स्थापित करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। इसके लिए पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया।

मृतका का सिर होने की पुष्टि के लिए उसकी माँ सीता देवी के ब्लड सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई गई। जांच में जब माँ के डीएनए का नरमुंड से मिलान (मैच) हो गया, तब जाकर आधिकारिक तौर पर साफ हुआ कि वह शव रेणु देवी का ही था।

इस अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्य ने आरोपी को सजा दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। अदालत के इस फैसले को समाज में जघन्य अपराधों के खिलाफ न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने त्वरित प्रक्रिया के तहत दोषी को कड़ी सजा दी। सीता देवी मृतका की माँ ने कहा कि मेरी बेटी के साथ जो दरिंदगी हुई थी, आज कोर्ट के फैसले से उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। पुलिस और अदालत ने हमें न्याय दिया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

760867 Articles

Share this story