मखाना बिहार की जलीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार : प्रो. विद्यानाथ झा

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मखाना बिहार की जलीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार : प्रो. विद्यानाथ झा


दरभंगा, 11 मई (हि.स.)।

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में “मखाना एज अ सुपरफूड एंड अ बेसिस ऑफ एक्यूटिक इकॉनोमी ऑफ बिहार” विषय पर व्याख्यान का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार झा की अध्यक्षता में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. विद्यानाथ झा ने कहा कि मखाना बिहार की पहचान के साथ-साथ राज्य की जलीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मखाना की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसके उत्पादन और व्यापार का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।

प्रो. झा ने कहा कि मखाना केवल बिहार की सांस्कृतिक एवं कृषि पहचान ही नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने मखाना उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया, उसके औषधीय एवं पोषण संबंधी गुणों तथा बिहार के आर्थिक विकास में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मखाना “सुपरफूड” के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इससे बिहार के किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को मखाना आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं और उसके व्यापक महत्व की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि अब बिहार के बाहर भी मखाना की खेती होने लगी है तथा इसके निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही मखाना उत्पादन और मत्स्य पालन को परस्पर लाभकारी बताया।

अध्यक्षीय संबोधन में विभागाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार झा ने कहा कि मखाना उद्योग बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीला यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अम्बरीष कुमार झा ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सहायक प्राचार्य नवीन कुमार, डॉ. मो. मसरूर आलम, शोधार्थी कृष्ण कुमार यादव, शिवम कुमार, रितेश कुमार सहित पीजी द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

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