भागलपुर में पुलिस की कार्रवाई पर भड़के अधिवक्ता, अधिवक्ता को कोर्ट गेट पर घसीटकर ले जाने का आरोप
भागलपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। भागलपुर समाहरणालय के मुख्य गेट पर गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तातारपुर थाना की पुलिस ने एक मामले में वर्षों से फरार चल रहे अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को हिरासत में ले लिया।
पुलिस को सूचना मिली थी कि अधिवक्ता न्यायालय गेट के पास मौजूद हैं, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। हालांकि, इस दौरान पुलिस द्वारा अधिवक्ता को कथित तौर पर घसीटकर ले जाने का वीडियो और मामला सामने आने के बाद वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया है।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास एक मामले में पिछले 13 साल से फरार चल रहे थे और तातारपुर पुलिस काफी दिनों से उनकी तलाश कर रही थी। जैसे ही पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर जाने लगी, मौके पर मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया।
घटना को लेकर जिला विधिक संघ (बार एसोसिएशन) के महासचिव अंजनी कुमार ने पुलिस की इस कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह से ज्यादती करार दिया।महासचिव अंजनी कुमार ने कहा, अगर किसी अधिवक्ता के खिलाफ कोई मामला दर्ज था, तो पुलिस को पहले संघ (बार एसोसिएशन) को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। यदि पुलिस हमें सूचित करती, तो संघ भी कानून का सम्मान करते हुए पुलिस का पूरा सहयोग करता।
उन्होंने आगे बेहद नाराजगी जताते हुए कहा, जिस बर्बरता से अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को उनके काले कोट (अधिवक्ता की वर्दी) में घसीटकर पुलिस लेकर गई, वह निंदनीय है।
पुलिस का व्यवहार ऐसा था जैसे वे किसी खूंखार अपराधी को पकड़कर ले जा रहे हों। कानून का पालन कराने वाली पुलिस का यह रवैया वकीलों के सम्मान के खिलाफ है।
इस घटना के बाद से स्थानीय अधिवक्ताओं में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है और वे इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

