लाजपत पार्क बदहाल, जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
भागलपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। भागलपुर के लाजपत पार्क की बदहाल स्थिति को लेकर शहरवासियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। जिसको लेकर रविवार को लाजपत पार्क विकास समिति की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि लाजपत पार्क, जो कभी परिवारों, बच्चों और मॉर्निंग वॉक करने वालों की पहली पसंद हुआ करता था। आज वह बदहाली के कगार पर पहुंच चुका है।
यहां लगे झूले टूट चुके हैं। जर्जर शौचालय, खराब प्याऊ, उखड़ी टाइल्स और टूटे जिम उपकरण यहां की बदहाली बयां करने के लिए काफी है। इस पार्क में हर दिन लगभग हजारों लोग पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। बैठक की अध्यक्षता संजय सिंह ने की, जबकि संयोजन कमल जायसवाल ने किया।
बैठक में पार्क की लगातार बदहाल स्थिति पर चिंता जताई गई। बैठक में बताया गया कि बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट चुके हैं और उनकी सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पार्क में मौजूद पुरुष शौचालय बिना दरवाजे के जर्जर हालत में है, जबकि पेयजल के लिए बना प्याऊ भी बदहाल पड़ा है।
वक्ताओं ने कहा कि सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन बाकी सुविधाओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है। पार्क में लगाए गए ओपन जिम के अधिकांश उपकरण टूट चुके हैं। नियमित व्यायाम करने आने वाले लोगों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पौधों की सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पार्क का सौंदर्य लगातार प्रभावित हो रहा है। महिलाओं के लिए बनाए गए शेड की स्थिति खराब हो चुकी है। स्टेडियम क्षेत्र की टाइल्स कई जगह से उखड़ गई हैं। वहीं मंच के पास बनी जर्जर दीवार भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कहा गया कि विधायक, मेयर और स्थानीय पार्षदों की ओर से भी अब तक पार्क के व्यापक विकास को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी है। इस दौरान उपस्थित संगीता तिवारी, विनय सिन्हा, ओमप्रकाश मंडल, अशोक गुप्ता, राजेश जायसवाल सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से पार्क की व्यवस्था सुधारने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

