श्रमिकों को मिलेगा वेतन से सुरक्षा तक अधिकारों का कवच
किशनगंज, 30 अक्टूबर (हि.स.)। श्रमिकों को उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को किशनगंज में चार नए श्रम कोड पर एक दिवसीय जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में श्रमिकों के अधिकारों, नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार ने पूर्ववर्ती 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित कर चार व्यापक श्रम संहिताओं के रूप में व्यवस्थित किया है। ये चारों श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हैं। इनका उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, श्रमिकों के हितों की रक्षा करना, रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान चारों श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की गई।
मजदूरी संहिता 2019 के तहत न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन भुगतान और समान कार्य के लिए समान पारिश्रमिक पर जोर दिया गया। वहीं, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के माध्यम से श्रमिकों और नियोजकों के बीच बेहतर समन्वय तथा औद्योगिक विवादों के समाधान की व्यवस्था की जानकारी दी गई। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी सहित संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को समझाया गया। इसमें गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की व्यवस्था भी शामिल है।
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 के तहत सुरक्षित कार्यस्थल, स्वास्थ्य जांच, नियुक्ति पत्र और बेहतर कार्य परिस्थितियों से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा हुई। प्रवासी श्रमिकों के कल्याण को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। श्रमिकों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के साथ नियोजकों को कानूनी दायित्वों का पालन करने की आवश्यकता बताई गई। इस अवसर पर उप श्रम आयुक्त पूर्णिया प्रमंडल, उप श्रम आयुक्त मुख्यालय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक, नियोजक प्रतिनिधि, श्रमिक संघों के प्रतिनिधि, श्रम परिवर्तन पदाधिकारी एवं श्रमिक उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

