कृष्ण के आदर्शों से सामाजिक समरसता और कर्तव्यबोध की प्रेरणा लें : प्रो. पाठक
सीवान, 30 अगस्त (हि.स.)। श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित श्रीकृष्ण बाल मेला का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथियों ने मंगलदीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत इस्कॉन मंदिर की ओर से प्रस्तुत हरिकीर्तन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद श्रीकृष्ण, राधा और सुदामा के रूप में सजे बच्चों और उनके अभिभावकों की शोभायात्रा निकाली गयी, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। कार्यक्रम में दीप मंत्र, श्रीकृष्ण स्तुति तथा योगेश्वर श्रीकृष्ण के चरित्र पर आधारित काव्य पाठ की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में गणेश पांडे, शिवन्या कुमार, राजन शाह, करिश्मा कुमारी, अनमोल कुमार, राजन बयान सिंह, गिरिजेश कुमार, रंजन कुमार, अंजना कुमारी, जीतन कुमार, शिवानी कुमारी, सरोज कुमारी, रुद्र प्रताप, समी कुमारी, जिज्ञासा कुमार एवं राजेश कुमार सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दर्शकों को संबोधित करते हुए प्रो. रविंद्र नाथ पाठक ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब की मर्यादा और समाज के कुशल नेतृत्व का अद्भुत समावेश दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से नेतृत्व, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा लेनी चाहिए।आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी ने कहा कि श्रीकृष्ण बाल मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने कहा, “किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, उत्सव या सामाजिक आयोजन की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है। इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। सामूहिक सहभागिता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ”पर्यवेक्षक जादूगर विजय ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष है, क्योंकि इसमें शिशु वर्ग से लेकर वृद्ध तक विभिन्न आयु वर्ग के लोग प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन की प्रेरणा संस्कार भारती से मिली है और इसके लिए संस्था के प्रति वे आज भी कृतज्ञ हैं।
कार्यक्रम को नंदलाल खादरिया, डॉ. राजन कल्याण सिंह, डॉ. विकास कुमार, राम प्रेम शंकर सिंह, रजनीकांत जायसवाल, लक्ष्मीकांत शाह, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव और बृजमोहन प्रसाद ने भी संबोधित किया।आयोजन की व्यवस्था में डॉ. राकेश तिवारी, लव कुमार साहू, सुनील कुमार, ओम प्रकाश शर्मा, विजय शंकर पांडे, नीरज शर्मा, चंद्रमा चंद्रही, सरोज सोनी, धीरज श्रीवास्तव सहित कई सदस्य सक्रिय रहे। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शोभायात्रा ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

