कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पटना के प्रधान वैज्ञानिकों ने किया कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर का भ्रमण
बक्सर, 26 जुलाई (हि.स.)। कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पटना (जोन-4) के वैज्ञानिकों ने रविवार काे कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर का भ्रमण किया, जिसमे प्रधान वैज्ञानिक डॉ एम मनोबुल्लाह एवं डॉ डीवी सिंह ने प्रक्षेत्र गतिविधियों का जायजा लेते हुए विभिन्न प्रदर्शन इकाईयों का भ्रमण कर तकनीकी सुझाव दिये। कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ देवकरन ने केन्द्र मे स्थापित विभिन्न तकनीकी प्रदर्शन इकाईयाँ जैसे-स्वचालित मौसम केन्द्र, उठी क्यारी (सनकन रेज्ड बेड), सोलर वाटर पंप, ढैंचा प्रदर्शन सह बीज उत्पादन, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉड्यूल, धान की सीधी बुआई, अमरूद और आम की सघन बागवानी, हल्दी उत्पादन (राजेन्द्र सोनिया), ओल/सूरन उत्पादन (नरेन्द ओल) एवं बकरी उत्पादन (ब्लैक बंगाल), आदि का भ्रमण कराया गया। क्षेत्र मे लीची बागवानी को बढ़ावा देने एवं पर्यावरणीय संतुलन हेतु पौधरोपण के महत्व एवं जागरूकता हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर प्रक्षेत्र मे लीची पौध (प्रभेद-शाही) का रोपण वैज्ञानिकों द्वारा किया गया।
दलहन में आत्मनिर्भरता कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित समुह दलहन अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (सीएफएलडी) कार्यक्रम मे किसानों के साथ संवाद एवं तकनीकी जानकारी देते हुए उन्हें खरीफ दलहन अरहर की जानकारी दी गई। इस मौके पर उपस्थित किसानों को अरहर प्रजाति राजेन्द्र अरहर-1 बीज किट उपलब्ध कराये गये। संतुलित एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर देत हुए वैज्ञानिकों ने बताया कि इससे मिट्टी के जैविक गुण, संरचना और सूक्ष्मजीवों की सक्रियता में सुधार होता है। साथ ही महंगे रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता और खर्च घटती है। पौधों को भी संतुलित पोषण मिलने से फसल मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाली होती है।
डॉ एम मनोबुल्लाह ने फर्टिगेशन (सिंचाई के साथ उर्वरक प्रयोग) हेतु घोल की तैयारी एवं पाउडर और तरल उर्वरकों के छिड़काव के लिए घोल तैयार करने की विधि की विस्तृत जानकारी दी। डॉ डीवी सिंह ने दलहन फसलों की वृद्धि और विकास पर आवश्यक पोषक तत्वों की विषाक्तता पर किसानों को जागरूक करते हुए तकनीकी जानकारी से अवगत कराया। मंच संचालन एवं समन्वय विशेषज्ञ डॉ0 रामकेवल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन विशेषज्ञ श्री हरिगोबिन्द ने दिया।
कार्यक्रम मे 15 दिवसीय समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षणार्थी एवं किसानों सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के आरीफ प्रवेज, रवि चटर्जी, सरफराज अहमद खान ने सहयोग किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra

