कोसी के घटते जलस्तर के साथ बढ़ा कटाव का खतरा, घर उजाड़ने को मजबूर ग्रामीण

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कोसी के घटते जलस्तर के साथ बढ़ा कटाव का खतरा, घर उजाड़ने को मजबूर ग्रामीण


सुपौल, 09 अगस्त (हि.स.)। कोसी नदी का जलस्तर घटते ही मौजहां पंचायत के बगहा और पंचगछिया गांव में कटाव का खतरा बढ़ गया है। नदी की बदलती धारा अब तेजी से किनारे की जमीन को काट रही है। लगातार हो रहे कटाव से नदी किनारे बसे परिवारों में दहशत का माहौल है। वर्षों की मेहनत और बचत से बनाए घरों को नदी की धारा में समाने से बचाने की उम्मीद टूटती देख कई परिवार खुद ही अपने आशियाने उजाड़ने लगे हैं।

लोग घरों से ईंट, खपड़ा, टीन, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर कम होने के बाद कोसी की धारा ने अपना रुख बदल लिया है। नदी का बहाव अब कई स्थानों पर सीधे किनारे की जमीन पर पड़ रहा है, जिससे कटाव तेजी से हो रहा है। बगहा और पंचगछिया में कई जगहों पर लगातार जमीन नदी में समा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव की यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में कई और घर और खेत नदी की धारा की चपेट में आ सकते हैं। नदी किनारे रहने वाले लोग दिन-रात कटाव पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें हर समय यह डर सता रहा है कि अगला निशाना किसका घर बनेगा।

कटाव प्रभावित परिवारों के लिए सबसे पीड़ादायक स्थिति यह है कि जिस घर को उन्होंने वर्षों की मेहनत से तैयार किया, उसे अब अपने हाथों से तोड़ना पड़ रहा है।

रामेश्वर यादव, कृष्ण यादव, अनिल यादव, रामकुमार यादव, रामविलास यादव और मुकेश यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कटाव शुरू होते ही उनके सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। नदी लगातार उनकी जमीन काट रही है और कई जगहों पर कटाव घरों के बेहद करीब पहुंच चुका है। घर और जमीन को बचाने का कोई रास्ता दिखाई नहीं देने के कारण वे मजबूरी में घर तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों के सामने बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की भी चुनौती है। कई परिवार जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जुटे हैं।

लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर उन्होंने वर्षों खेती की, परिवार बसाया और घर बनाया, वही जमीन अब उनकी आंखों के सामने नदी में समाती जा रही है। घर छोड़ना उनके लिए आसान नहीं है, लेकिन कोसी की कटती धार के सामने उनके पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं बचा है।

कटाव प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने और प्रभावी निरोधात्मक एवं कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव कार्य शुरू कर दिया जाए तो कई घरों और परिवारों को विस्थापित होने से बचाया जा सकता है। लोगों ने सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था करने की भी मांग की है।

ग्रामीणों के मुताबिक कटाव बढ़ जाने के बाद कार्रवाई करने से नुकसान को रोकना मुश्किल होगा, इसलिए प्रशासन को अभी से ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

फिलहाल बगहा और पंचगछिया में कोसी नदी का कटाव ग्रामीणों के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। लोग अपने स्तर से घरों का सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं, जबकि नदी की धारा लगातार जमीन को अपने आगोश में ले रही है। प्रभावित परिवारों की नजर अब प्रशासन की राहत और बचाव कार्रवाई पर टिकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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