गजेटियर में दर्ज होगा किशनगंज का इतिहास और विकास, डीएम ने दिए अद्यतन आंकड़े जुटाने के निर्देश
किशनगंज, 21 अगस्त (हि.स.)। जिले के इतिहास, संस्कृति, भौगोलिक स्वरूप और विकास की तस्वीर को दस्तावेज के रूप में संजोने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गजेटियर कमिटी की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में किशनगंज जिले के गजेटियर के प्रकाशन को लेकर विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं, तथ्यों और आंकड़ों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डीएम ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़े आंकड़ों और तथ्यों की सम्यक समीक्षा कर पांडुलिपि तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर तैयार सामग्री को सामान्य प्रशाखा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि गजेटियर तैयार करने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। डीएम ने कहा कि गजेटियर में जिले के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और विकासात्मक पहलुओं का तथ्यात्मक एवं अद्यतन विवरण शामिल किया जाना है। इसके लिए विभागों से मिलने वाली सूचनाओं की प्रमाणिकता और अद्यतन स्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि जिले के गजेटियर को समृद्ध और तथ्यपरक बनाने में आमजनों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। डीएम ने लोगों से अपील की कि किशनगंज से जुड़े ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति, महत्वपूर्ण दस्तावेज, पुराने एवं महत्वपूर्ण फोटो, लिखित साक्ष्य तथा जिले की प्रमुख घटनाओं से संबंधित प्रमाण उपलब्ध हों तो उन्हें सामान्य प्रशाखा में जमा कराएं।
बैठक में डीएम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में हुए महत्वपूर्ण विकास कार्यों और अन्य प्रमुख बदलावों को भी गजेटियर में समुचित रूप से शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे किशनगंज की वर्तमान प्रगति और उपलब्धियों का तथ्यात्मक दस्तावेज तैयार हो सकेगा। बैठक में एडीएम विभागीय जांच, वरीय उपसमाहर्ता, सामान्य प्रशाखा, जिला कृषि पदाधिकारी सहित गजेटियर कमिटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

