किशनगंज जूट मिल जमीन घोटाला: फर्जी दाखिल-खारिज और अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा
किशनगंज, 02 मई (हि.स.)। जिले में स्थित जूट मिल की बहुमूल्य जमीन इन दिनों एक बड़े घोटाले को लेकर सुर्खियों में है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक बिहार सरकार एवं जूट मिल की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर भू-माफियाओं और कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा, खरीद-बिक्री और फर्जी दाखिल-खारिज का गंभीर मामला सामने आया है।
मामला किशनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्का टेउसा, मौजा सिमलबाड़ी (थाना संख्या-25) से जुड़ा है। यहां खाता संख्या 104, 126, 22 तथा खेसरा संख्या 889, 890 सहित अन्य भूखंडों पर कथित रूप से अवैध तरीके से जमीन का हस्तांतरण किया गया है। बताया जाता है कि उक्त भूमि ‘किशनगंज जूट मिल लिमिटेड’ के नाम से दर्ज थी, जिसके निदेशक गौरव बजाज पिता-साजन कुमार बजाज, निवासी कोलकाता बताए जाते हैं।
सूत्रों का कहना है कि भू-माफियाओं ने संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर न केवल जूट मिल के पुराने ढांचों को ध्वस्त कराया, बल्कि जालसाजी के माध्यम से जमीन को अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर दर्ज करा दिया। वाद संख्या 3939/2023-24 के तहत अंचल अधिकारी के आदेश से संदिग्ध परिस्थितियों में जमाबंदी परिवर्तन (दाखिल-खारिज) किए जाने की बात सामने आई है, जिसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि उक्त औद्योगिक भूमि पर करीब 7 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। इसके बावजूद उद्योग विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए जमीन का व्यावसायिक एवं निजी उपयोग के लिए सौदा कर दिया गया, जो नियमों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन माना जा रहा है।
यह मामला सरकारी एवं औद्योगिक संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए इसमें शामिल भू-माफियाओं, सफेदपोशों एवं दोषी अधिकारियों की संपत्तियों की भी जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में शनिवार जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि मामला संज्ञान में है, हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करता है तथा क्या सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जा सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

