कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने मधुबनी की खुशबु को कला श्री सम्मान से किया सम्मानित

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कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने मधुबनी की खुशबु को कला श्री सम्मान से किया सम्मानित


मधुबनी, 21 जुलाई (हि.स.)।बिहार में मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल की खुशबू को मंगलवार को भारतीय कला श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।

बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्री ने मंगलवार को खुशबु को सम्मानित किया। जिला के बेनीपट्टी अनुमंडल के जिरौल गांव निवासी युवा मिथिला पेंटिंग आर्टिस्ट खुशबू कुमारी उर्फ खुशबू चौधरी को भारतीय कला श्री सम्मान मिला है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने मुजफ्फरपुर में आयोजित हेरिटेज नेशनल लेवल आर्ट एग्जीबिशन एंड कंटेस्ट में उन्हें सम्मानित किया है।

मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने वाली भगवान श्रीराम और माता सीता स्वयंवर की अनुपम कलाकृति का खुशबू ने मधुबनी चित्रकला में उकेरा है। वहीं स्थानीय उत्सव को चित्रित करते कुंवारी कन्याओं की आदर्श वर प्राप्ति के लिए की जाने वाली तुसारी पूजा को भी खूबसूरत तरीके से कैनवास पर उतारी है।

मनोहारी कलाकृतियों को देखकर मंत्री प्रमोद ने कहा कि बारीकी के साथ चित्रकारी करने वाली इन कलाकारों की वजह से ही मिथिला की कला को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। पदम् श्री श्याम शर्मा ने खुशबू द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की तारीफ करते कहा कि लोक परंपराओं पर आधारित यह कलाकृति घरों की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति और प्राचीन गाथाओं से जोड़ने का काम करेगी।

शाकुंतलम कला संस्कृति के निदेशक डॉ. मुकेश सोना के संयोजन में 17 से 19 जुलाई तक चले एग्जीबिशन में मिथिला पेटिंग से संजोई गई खुशबू की कलाकृति आकर्षण का केंद्र रही। जिरौल गांव निवासी अमोद चौधरी और सुनैना देवी की पुत्री खुशबू वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी सम्मानित हो चुकी है।

खुशबू ने बताया कि भारतीय कला श्री सम्मान पाकर मुझे लग रहा अपने गौरवशाली मिथिला पेंटिंग के क्षेत्र में और भी निरंतर नयापन करती रहूं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से अश्क हैंडीक्राफ्ट नाम की संस्था बना ग्रामीण क्षेत्र की सौ से अधिक लड़कियों और महिलाओं को मधुबनी पेंटिंग का मुफ्त प्रशिक्षण देकर स्वरोजगारी बना रही हूं। रेलवे स्टेशनों, ट्रेन, राम मंदिर उदघाटन में गई इंजन, एलएनएमयू विश्वविद्यालय भवनों को मिथिला पेंटिंग से संजोने वाले टीम का हिस्सा रह चुकी हूं।

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हिन्दुस्थान समाचार / लम्बोदर झा

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