काला बिल्ला लगाकर आपूर्ति पदाधिकारियों का सांकेतिक विरोध
सुपौल, 22 अगस्त (हि.स.)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी, कुशल एवं जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ विधि-व्यवस्था, निर्वाचन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सरकारी दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने वाले बिहार आपूर्ति सेवा के पदाधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर सांकेतिक विरोध शुरू किया है।
बिहार आपूर्ति सेवा संघ के आह्वान पर गुरुवार से जिले के आपूर्ति सेवा संवर्ग के पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर कार्य कर रहे हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध पूरी तरह सांकेतिक है और इस दौरान विभागीय कार्य तथा आम लोगों से जुड़ी सेवाएं पूर्ववत संचालित होती रहेंगी।
बिहार आपूर्ति सेवा संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्यों के साथ-साथ सरकार की ओर से समय-समय पर सौंपे जाने वाले विभिन्न अभियानों और अतिरिक्त दायित्वों का वे लगातार जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करते रहे हैं। विधि-व्यवस्था, निर्वाचन, सामाजिक सुरक्षा तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित कार्यों में भी पदाधिकारियों ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
संघ ने कहा कि भविष्य में भी सरकार के सभी अभियानों में पदाधिकारी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ सहयोग करते रहेंगे। इसके बावजूद लंबे समय से पदाधिकारियों की कई मूलभूत मांगें लंबित हैं। कार्यालयों में आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के कारण कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संघ का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार विभागीय स्तर पर ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अपेक्षित सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण अब सांकेतिक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ की ओर से सरकार के समक्ष दस सूत्री मांगें रखी गई हैं। इनमें राशन कार्ड बनाने के लिए निर्धारित समय सीमा का सख्ती से अनुपालन कराने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा आपूर्ति कार्यालयों में कुर्सी, टेबल, अलमारी, कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पदाधिकारियों के अनुसार कई कार्यालयों में पर्याप्त आधारभूत संरचना नहीं होने के कारण रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने में परेशानी होती है।
संघ ने कार्यालय संचालन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की भी मांग की है। मांगों में दो कमरों की व्यवस्था के साथ दो सहायक और दो अनुसेवक उपलब्ध कराने की बात कही गई है। संघ का कहना है कि विभागीय कार्यों का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसके अनुरूप मानव संसाधन और कार्यालय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इससे पदाधिकारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव पड़ता है और कार्य निष्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। आपूर्ति सेवा संघ ने विभागीय दायित्वों एवं अन्य सरकारी कार्यों के निर्वहन के लिए वाहन की व्यवस्था करने की मांग भी की है। प्रखंड एवं जिला स्तर पर पदाधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण, जांच और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए लगातार भ्रमण करना पड़ता है। ऐसे में वाहन की उपलब्धता को आवश्यक बताते हुए संघ ने इस दिशा में तत्काल निर्णय लेने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

