कबीर मठ की जमीन को लेकर ‘जनता की अदालत’ में सैकड़ों ग्रामीणों ने उठाई आवाज

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कबीर मठ की जमीन को लेकर ‘जनता की अदालत’ में सैकड़ों ग्रामीणों ने उठाई आवाज


कबीर मठ की जमीन को लेकर ‘जनता की अदालत’ में सैकड़ों ग्रामीणों ने उठाई आवाज


सुपौल, 25 अक्टूबर (हि.स.)। सदर प्रखंड की लाउढ़ पंचायत स्थित कबीर मठ की जमीन को लेकर रविवार को मठ परिसर में ‘जनता की अदालत’ का आयोजन किया गया। मठ की बेशकीमती जमीन के कथित फर्जी कागजात तैयार कर दाखिल-खारिज कराए जाने और जमीन पर कब्जे की कोशिश के आरोपों को लेकर आयोजित इस सभा में सैकड़ों ग्रामीण, संत समाज के लोग और कबीर पंथी शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने मठ की जमीन को सुरक्षित रखने, कथित फर्जी दाखिल-खारिज रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।

समाजसेवी राम कुमार मंडल की अध्यक्षता में आयोजित सभा के दौरान ‘कबीर मठ बचाओ-संस्कृति बचाओ’ और ‘मठ बचाने निकले हैं, लुटेरों को सबक सिखाने निकले हैं’ जैसे नारे लगाए गए। वक्ताओं ने कबीर मठ को धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए इसकी जमीन की सुरक्षा को जनभावना से जुड़ा मुद्दा बताया।

सभा को संबोधित करते हुए लोरिक विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि संत कबीर ने अपने दोहों और विचारों के माध्यम से जाति, धर्म और पाखंड की बेड़ियों को तोड़कर समाज को समानता, मानवता और सत्य का संदेश दिया। आज कबीर मठ पर संकट की बात सामने आ रही है, ऐसे में कबीर की वाणी ही लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि कबीर मठ महज जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही मानवतावादी विचारधारा, सामाजिक समता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। मठ की जमीन को लेकर उठे विवाद को उन्होंने सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

डॉ. कुमार ने कहा, “कबीर मठ बचेगा तो इंसानियत बचेगी।”

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक मठ की जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि कबीर की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों की आस्था और स्वाभिमान से भी जुड़ी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मठ की जमीन की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा तथा इसकी एक इंच जमीन पर भी अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

कार्यक्रम में कबीर मठ के मुख्य महंत बाबा अनुराग दास, मिथिलेश दास, सुखदेव दास, सत्यनारायण दास, दिनेश शर्मा, गेना साह, श्याम सुंदर मंडल, सुधीर मिश्र, मुकेश यादव, मो. सदरे आलम, विष्णुदेव शर्मा, रघुनंदन शर्मा, कमल सादा, भोला मंडल, प्रियंका देवी, प्रमिला देवी और गाना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कबीर पंथी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

Livevns.news Desk
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