एसआईआर के विरोध में जिंदा लाश मार्च,कॉकरोच का मुखौटा लगाकर प्रदर्शन
अररिया 10 अक्टूबर(हि.स.)।
अररिया में एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में सैकड़ों की संख्या में छात्र-नौजवानों, किसानों, मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिंदा लाश मार्च निकाला।इस दौरान मार्च में शामिल लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
मार्च में युवाओं ने कॉकरोच जैसे मुखौटे पहनकर भी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम यूथ की बात के बैनर तले आयोजित हुआ, जिसे जन जागरण शक्ति संगठन और एक वामपंथी पार्टी का समर्थन मिला।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर जीवित नागरिकों को कागजों में मृत घोषित किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया से योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है। चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा की मांग की गई।
मार्च चांदनी चौक से शुरू होकर सुभाष चौक होते हुए कचहरी परिसर स्थित धरना स्थल तक पहुंचा।जहां आयोजित सभा में प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। मार्च के दौरान लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जुड़े नारे लगाए गए।
सभा का नेतृत्व यूथ की बात के सब्यसाची सेन, नवाज हसन और सुनील कुमार ने किया। जन जागरण शक्ति संगठन की मांडवी देवी ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वहीं, नवाज हसन ने कहा कि लोकतंत्र को राजतंत्र में बदलने की कोशिश सफल नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा को लेकर अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

