दो दशकों में स्वास्थ्य अवसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार से बदली राज्य की तस्वीर: उमेश सिंह कुशवाहा

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दो दशकों में स्वास्थ्य अवसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार से बदली राज्य की तस्वीर: उमेश सिंह कुशवाहा


पटना, 08 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 4954 एएनएम कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जाने पर जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से जहां एक ओर हजारों बेटियों को आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक आजीविका का अवसर प्राप्त हुआ है, वहीं उनके परिवारों में भी नए उत्साह एवं खुशियों का संचार हुआ है।

उमेश कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर प्राथमिक चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, टीकाकरण, जनस्वास्थ्य जागरूकता तथा सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में एएनएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में एएनएम कर्मियों की नियुक्ति से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का गांव-गांव तक व्यापक विस्तार सुनिश्चित होगा।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुविधाजनक एवं जनहितकारी बनाना श्री नीतीश कुमार की शुरू से ही सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसी का परिणाम है कि बीते दो दशकों में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2004-05 में स्वास्थ्य विभाग का बजट मात्र 705 करोड़़ रुपये था, जो वर्तमान में बढ़़कर 21 हजार करोड़़ रुपये से अधिक हो चुका है।

इसी अवधि में स्वास्थ्य उपकेंद्रों, अनुमंडल अस्पतालों, जिला अस्पतालों एवं राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक मजबूती मिली है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2005 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिमाह औसतन मात्र 39 मरीज आते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 11 हजार से अधिक हो गई है। साथ ही, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बिहार की शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

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