नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज होगा जदयू का एकदिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम

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पटना, 18 सितम्बर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सुप्रीमो नीतीश की अध्यक्षता में आज जदयू के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का विशेष जुटान होने जा रहा है। पार्टी की ओर से इसे एक दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम बताया गया है। कार्यक्रम में जदयू के विधायक, एमएलसी और सांसद शामिल होंगे।

कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज है, लेकिन पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इसका मकसद विधायकों और एमएलसी को सदन की कार्यप्रणाली और उनकी विधायी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देना है। यानी कार्यक्रम को फिलहाल किसी बड़े राजनीतिक या संगठनात्मक फैसले से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बातचीत में बताया कि प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में एक दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों को उनकी विधायी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सदन में जदयू के जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और प्रभावी बनाना है। विधायक और एमएलसी बिहार के हित और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को सदन में तथ्यों के साथ मजबूती से रख सकें, इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है।

इस कार्यक्रम में सिर्फ पार्टी के वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि विधायी मामलों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञ जेडीयू के विधायकों और एमएलसी को प्रशिक्षण देंगे।

प्रशिक्षण के दौरान सदन में सवाल उठाने, विधायी प्रक्रियाओं को समझने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखने जैसे विषयों पर जानकारी दी जा सकती है। इसके साथ ही प्रश्नोत्तर के लिए अलग सत्र भी रखा गया है।

आज की बैठक में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और पार्टी विधायक दल के नेता श्रवण कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

जदयू के सभी विधायकों और एमएलसी को एक साथ पटना बुलाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं जरूर शुरू हो गईं। इसकी एक वजह यह भी है कि पार्टी के भीतर संगठन और भविष्य की राजनीति को लेकर पिछले कुछ समय से अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं।

जदयू का नाम बदलने से लेकर यूसीसी जैसे मुद्दों पर पार्टी के रुख और आने वाले एमएलसी चुनाव को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चलती रही हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलों ने भी चर्चा को हवा दी है।

हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इन अटकलों को खारिज किया गया है। जदयू ने साफ किया है कि 18 सितंबर का कार्यक्रम मुख्य रूप से विधायकों और एमएलसी के लिए प्रशिक्षण एवं प्रबोधन से जुड़ा है। इसमें किसी राजनीतिक या संगठनात्मक निर्णय की योजना नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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